लेबनान ने संकेत दिया है कि वह इस्राइल के साथ सीधे शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए पहले युद्धविराम लागू होना जरूरी है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब इस्राइल लेबनान में 2006 के युद्ध के बाद सबसे बड़े जमीनी अभियान की चेतावनी दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने करीबी सलाहकार रॉन डर्मर को लेबनान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी है। वहीं अमेरिकी पक्ष से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के वार्ता में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बातचीत आने वाले दिनों में शुरू हो सकती है और इसके लिए पेरिस या साइप्रस संभावित स्थान हो सकते हैं।
फ्रांस का शांति प्रस्ताव भी चर्चा में
इस बीच फ्रांस की ओर से एक शांति प्रस्ताव की चर्चा भी सामने आई है, जिसमें युद्ध खत्म करने के लिए हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण और लेबनान द्वारा इस्राइल को मान्यता देने की शर्तों का उल्लेख किया गया था। हालांकि फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने ऐसे किसी प्रस्ताव से इनकार किया है।
लेबनान के संसदीय अध्यक्ष और अमल मूवमेंट के नेता नबीह बेरी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वार्ता से पहले युद्धविराम लागू होना आवश्यक है। उधर पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव भी लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी बल ईरानी सैन्य क्षमताओं के खिलाफ अभियान जारी रखे हुए हैं।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइल के हमले जारी
इसी दौरान प्रेस टीवी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक इराकी प्रतिरोधी समूह ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का वीडियो जारी किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इराक में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले के बाद आग लग गई। ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने भी दावा किया है कि उन्होंने चार और ड्रोन मार गिराए हैं, जिसके बाद अब तक गिराए गए ड्रोन की संख्या 118 हो गई है।
दक्षिणी लेबनान में भी झड़पें जारी हैं। अल जजीरा के अनुसार, इस्राइली हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी ने कई कस्बों को निशाना बनाया। मेफदून और उसके आसपास के इलाकों के अलावा जवतर, यहमर और अर्नौन जैसे शहरों में भी भारी गोलाबारी की खबर है।







