लालकुआं- करोड़ों के तटबंध पानी में बहे,काग्रेंस ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप।

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लालकुआं- करोड़ों के तटबंध पानी में बहे,काग्रेंस ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप।

लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों भाजपा सरकार की संचालित विकास योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है तथा इन योजनाओं की विकास कार्यो में लगी कारोड़ों की सरकारी धनराशि पानी में बहती दिखाई दे रही है।
ताजा मामला लालकुआं की गौलानदी का है यहां सिचाई विभाग और वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां बिन्दूखत्ता क्षेत्र को बाढ़ से बचाव के लिए लगभग 4 करोड़ की लागत से बने तटबंध तथा लाखों रूपये से बने चैकडैम नदी के हल्के दबाव में टूट गये तथा कुछ तो तटबंध पानी के बहों कई दूर तक बह गये, जो दोनों ही विभागों की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे है।
आज इसी को लेकर बिन्दूखत्ता ब्लांक काग्रेंस कमेटी के नेतृत्व में दर्जनों समाजिक सगंठनों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टूटे गौलानदी के तटबंधों का निरीक्षण कर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की इस दौरान काग्रेंस कार्यकर्ताओं ने शासन प्रशासन से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ ठोस काईवाही की मांग की है और साथ ही चेतावनी दी है की इस मामल में प्रशासन द्वारा ठोस कार्यवाही नहीं कि जाती है तो कांग्रेस कमेटी उग्र आंदोलन करने को बध्य होगी।
बताते चले कि बिन्दूखत्ता ब्लाक काग्रेंस कमेटी के अध्यक्ष पुष्कर सिंह दानू के नेतृत्व में एकत्रित हुए बिन्दुखत्ता क्षेत्र के दर्जनों सामाजिक एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गौलानदी में टूटे तटबंधों तथा चैकडैम का बारीकी से निरीक्षण किया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ कड़ी नाराज की जाहिर करते हुए मौके पर ही भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान काग्रेंस नेताओ ने सिचाई विभाग और वन विभाग की देखरेख में ठेकेदार द्वारा कारोड़ों रूपये की लगात से किए गये तटबंधों तथा चैकडैम के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि गौला नदी के बचाव के लिए तटबंधों का निर्माण किया जो नदी के पानी का हल्का सा दबाव भी नही झेल सकें और टूट गये इन तटबंध निर्माण में तकरीबन 4 करोड़ की राशि खर्च की गई तथा इसके अलावा नदी में चेकडैम बनाने में लाखों रूपये खर्च किये गये।
उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि यह तटबंध सिचाई विभाग और वन विभाग तथा सम्बधित ठेकेदारों के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बन चुके है।उन्होने कहा कि पिछले साल भी हल्की सी गौलानदी आई थी जिसके चलते जलस्तर बढ़ने से यहा सभी तटबंध टूट कर पानी बहे गये।
उन्होने कहा कि उसके बाद अब इस साल बरसात से मात्र एक माह पहले फिर से तटबंधों के निर्माण कार्य में करोड़ो की राशि खर्च की गई बाबजूद इसके फिर से यह सभी तटबंध टूट गये उन्होने कहा कि निर्माण कार्य में करोड़ो की बंदरबाट की गई है।
उन्होने कहा कि नदी के कटावरोधी कार्यो को सम्बधिंत विभागों तथा ठेकेदारों द्वारा आनन फानन में अमलीजामा पहनाया गया जिसके चलते कारोड़ो की राशि पानी में बह गई।
उन्होने शासन प्रशासन से टूटे तटबधों तथा बहे चेकडैम की उच्च स्तरीय जांच कर इस भ्रष्टाचार के खेल में शामिल दोषि अधिकारियो के खिलाफ ठोस काईवाही की मांग की है। और चेतवानी दी है अगर जल्द ही इस मामले में शासन प्रशासन द्वारा कार्यवाही नही कि गई तो काग्रेंस पार्टी उग्र आंदोलन को बधाई होगी जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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