इस्राइली हवाई हमलों में गाजा में 21 फलस्तीनियों की मौत, नाकेबंदी से भुखमरी की स्थिति

 

गाजा पट्टी के दीर अल-बलाह इलाके में मंगलवार देर रात और बुधवार को इस्राइली हवाई हमलों में 21 लोगों की मौत हो गई। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मरने वालों में आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। फलस्तीन के इस इलाके में हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। करीब 20 लाख की आबादी वाले गाजा में इस्राइल की नाकेबंदी और लंबे समय से जारी सैन्य कार्रवाई के कारण भुखमरी की स्थिति बन चुकी है। कानून-व्यवस्था खत्म हो चुकी है और लूटपाट आम हो गई है। राहत सामग्री के वितरण के दौरान भी हिंसा बढ़ गई है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि मई से अब तक 1,000 से ज्यादा फलस्तीनी नागरिकों की उस समय मौत हो चुकी है, जब वे गाजा में खाना हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। अधिकतर मौतें अमेरिकी समर्थित राहत वितरण केंद्रों के पास हुई हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक 59,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। मंत्रालय का कहना है कि इनमें से भी आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं। यह मंत्रालय हमास के प्रशासन का हिस्सा है, लेकिन इसमें काम करने वाले कर्मचारी पेशेवर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इसके मौत के आंकड़ों को सबसे भरोसेमंद मानती हैं।

 

तीन अलग-अलग हमलों में हुई मौतें
मंगलवार रात पहला हमला गाजा सिटी के उत्तर-पश्चिम इलाके में एक घर पर हुआ। शिफा अस्पताल के मुताबिक, इसमें 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें छह बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं। दूसरा हमला उत्तरी गाजा के तल अल-हवा इलाके में एक अपार्टमेंट पर हुआ, जिसमें छह लोगों की मौत हुई। मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं थीं, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी। इस हमले में आठ लोग घायल भी हुए। तीसरा हमला गाजा सिटी के नासेर इलाके में एक तंबू पर हुआ, जिसमें तीन बच्चों की जान चली गई। इस्राइली सेना ने इन हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। आमतौर पर इस्राइली सेना का कहना होता है कि हमास आबादी वाले इलाकों से हमला करता है, जिससे आम लोगों की मौतें होती हैं।

मानवाधिकार संगठनों की चेतावनी 
बुधवार को 109 मानवाधिकार संगठनों और चैरिटी संस्थाओं ने एक साझा पत्र जारी किया। इसमें गाजा की स्थिति को खौफनाक बताया गया और कहा गया कि लोग भूख से मर रहे हैं। उन्होंने इस्राइल पर मदद पहुंचाने में बाधा डालने का आरोप लगाया और राहत शिविरों पर हुए हमलों को ‘जनसंहार’ करार दिया।

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पत्र में कहा गया, इस्राइल सरकार की पाबंदियों और देरी ने गाजा में तबाही, भुखमरी फैला दी है। संगठनों ने तत्काल युद्धविराम और बड़े पैमाने पर राहत सामग्री पहुंचाने की अपील की। इस्राइल का दावा है कि वह मई से अब तक हजारों ट्रक मदद गाजा में भेज चुका है और मदद न पहुंचने के लिए राहत एजेंसियां जिम्मेदार हैं।

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