कोटद्वार: गुलदार की ऐसी दहशत की डंडा लेकर स्कूल जा रहे हैं छात्र, सुरक्षा को लेकर अभिभावक और शिक्षक चिंतित

Spread the love

 

केश्वर और पोखड़ा ब्लॉक की सीमा पर स्थित इंटर कॉलेज संगलाकोटी के छात्र-छात्राएं इन दिनों गुलदार (तेंदुआ) की दहशत के कारण डंडे लेकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। दोनों ब्लॉकों से पढ़ने आने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक और शिक्षक चिंतित हैं।

पोखड़ा ब्लॉक के मयलगांव निवासी छात्रों आभा, इशिता, राधिका, आदर्श और प्रिंस ने बताया कि 29 सितंबर को स्कूल आते वक्त उन्हें जूनिसेरा के पास तीन गुलदार दिखाई दिए थे। छात्रों ने बताया कि इससे पहले कि गुलदार उन पर हमला करता उन्होंने शोर मचा दिया और गांव की ओर भागकर अपनी जान बचाई।
इस घटना के बाद से ही छात्र-छात्राएं रोज हाथों में डंडा लेकर स्कूल आ-जा रहे हैं। अभिभावक भी उन्हें आधे रास्ते तक छोड़ने आते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय रावत ने बताया कि गुलदार दिखने के बाद बच्चे सहमे हुए हैं और स्कूल आने से कतरा रहे हैं जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। विद्यालय में एकेश्वर ब्लॉक केहलूणी, कांडई, भैड़गांव, रिटेल, संगलाकोटी, सीमी, सिरसोड़ा, नरस्या, हरकोट, कोयलगांव, मंजी तथा पोखड़ा ब्लॉक के मयल गांव, बांसई, बोरगांव, कुण्जखाल, मालकोट, कनोठाखाल, गवाणा, गुरिंड के छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं।

प्रधानाचार्य ने बताया कि इसकी सूचना वन विभाग के पोखड़ा और दमदेवल रेंज कार्यालयों को दे दी गई है। शिक्षकों और अभिभावकों ने शासन-प्रशासन व वन विभाग से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने की तत्काल मांग की है।


Spread the love
और पढ़े  बागेश्वर- किशोरी बनी मां, आरोपी युवक पर पॉक्सो का केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
  • Related Posts

    कार में बंधक बनाकर मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले बलवन्त सिंह बिष्ट उर्फ गुड्डू व उसके 3 साथी गिरफ्तार।

    Spread the love

    Spread the love Spread the loveऔर पढ़े  देवप्रयाग- तोताघाटी के पास सांसद अनिल बलूनी की कार पर गिरा बोल्डर


    Spread the love

    जर्जर जमरानी नहरों के कायाकल्प के लिए 300 करोड़ मंजूर, किसानों को होगा फायदा

    Spread the love

    Spread the loveदशकों से जर्जर पड़ी जमरानी बांध परियोजना की नहरों पर अब विकास की बौछार होने वाली है। राज्य सरकार ने इन नहरों के कायाकल्प के लिए 300 करोड़…


    Spread the love