पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनिक पूजा में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां भगदड़ मचने से 19 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर लड़कियां और बच्चे शामिल हैं। इस घटना में 25 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक ये घटना गहरा धक्का पहुंचाने वाली है।
सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। प्रत्येक घायल को 5 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आधी रात को भी मंत्रियों, विधायकों, पुलिस और मुख्य सचिव के साथ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने अब तक 10 परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 प्रभावित परिवारों के सदस्यों ने उनसे मिलकर सरकार पर भरोसा जताया है। पूरे राज्य में 58,000 पूजाएं हो रही हैं, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
घटना की जांच कैसे होगी?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर ‘तथ्य-खोज समिति’ के गठन का अनुरोध करने की बात कही है। इस समिति का नेतृत्व उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश करेंगे। समिति में एसटीएफ और फॉरेंसिक टीम भी शामिल होंगी। यह समिति घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। सरकार समिति की सिफारिशों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करेगी। घटना स्थल पर जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज का अध्ययन किया जा रहा है।
क्या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कुछ लोग इस घटना का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह व्यर्थ होगा। उन्होंने पिछली सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 में पूजा के दौरान बारिश में बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने उत्तर बंगाल में अचानक आई बाढ़ का भी जिक्र किया, जिसमें 100 लोगों की जान गई थी। मुख्यमंत्री ने पूछा कि तब की मुख्यमंत्री की क्या भूमिका थी और क्या उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मृतक परिवारों को मुख्यमंत्री और सरकार पर पूरा भरोसा है।







