Khamenei Funeral: आज ईरान रवाना होंगे मंत्री मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल हसनैन, MEA ने की पुष्टि

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मंत्रालय ने बताया कि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा 3 जुलाई को ईरान के दौरे पर जाएंगे। ये दोनों अधिकारी ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

भारत और ईरान के मजबूत रिश्ते
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह उच्च स्तरीय प्रतिनिधित्व भारत और ईरान के बीच पुराने सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है। दोनों देशों के बीच लोगों का आपसी जुड़ाव बहुत गहरा है। यही जुड़ाव हमारे राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों को एक मजबूत आधार देता है। बता दें कि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा था।
अंतिम संस्कार की भव्य तैयारी
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान में दो दिनों तक सार्वजनिक विदाई और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम चलेंगे। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह देश के इतिहास की सबसे बड़ी सभाओं में से एक होगी। तेहरान कमांड के ब्रिगेडियर जनरल हसन हसनजादेह ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम 4 और 5 जुलाई को आयोजित होंगे। इसमें सार्वजनिक विदाई, जनाजे की नमाज और शोक जुलूस शामिल हैं।

कार्यक्रम का पूरा विवरण
सार्वजनिक विदाई समारोह चार जुलाई को सुबह छह बजे तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड में शुरू होगा। यह कार्यक्रम रात 8 बजे तक चलेगा। इसके बाद 5 जुलाई की सुबह जनाजे की नमाज पढ़ी जाएगी। सुरक्षा और भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने जनाजे के लिए किसी एक रास्ते के बजाय एक बड़े कॉरिडोर का चुनाव किया है। इस दौरान पूरे इलाके में वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी ताकि लोग आसानी से पैदल चल सकें।

सुरक्षा और सुविधाएं
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 1.2 करोड़ से लेकर 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए तेहरान की मेट्रो और बस सेवा पूरी क्षमता के साथ काम करेगी। शहर में जगह-जगह पांच विशेष सेवा केंद्र बनाए गए हैं। ये केंद्र लोगों को पीने का पानी, भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं देंगे। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कुरान पाठ करने वाले और धार्मिक कवि भी हिस्सा लेंगे।

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क्या है मामला?
बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के हमलों में हुई थी। इस घटना के बाद पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। उनकी मृत्यु के बाद अब उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। भारत का यह दौरा इस दुख की घड़ी में ईरान के साथ अपनी एकजुटता दिखाने का एक प्रयास है।

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