भाईदूज के पावन पर्व पर आज 8:30 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट विधि-विधान से बंद कर दिए गए हैं। सेना की बैंड धुन और जय बाबा केदार के जयघोष के साथ केदार बाबा की चल विग्रह पंचमुखी डोली ने मंदिर के सभामंडप से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।
अब छह माह यहीं बाबा के दर्शन होंगे। बाबा केदार की डोली के साथ हजारों भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। दस हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर के कपाट बंद होने के साक्षी बने।
बुधवार को केदारनाथ भगवान की चल विग्रह पंचमुखी डोली को मंदिर के सभामंडप में विराजमान कर दिया गया था। वहीं, मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया विशेष पूजाओं के साथ सुबह चार बजे से शुरू हो गई थी।











