झारखंड पुलिस ने सोमवार को होने वाले ‘विधानसभा मार्च’ के मद्देनजर विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह मार्च बुलाया है। शहर भर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भाजपा नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को “घर में नजरबंद” कर दिया गया है।
विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू कर दी गई है। यह आदेश इन दिनों सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। रांची में विरोध मार्च के मद्देनजर रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसा ही आदेश लागू किया गया है। रांची के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और पूरे शहर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने दो सप्ताह से अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन में अनुशासन दिखाया है। कौशिक ने यह भी कहा कि यह छात्रों की जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए। रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी प्रकार के आक्रामक प्रदर्शन में भाग न लेने की अपील की है। प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और अवैध गतिविधियों के प्रति भी आगाह किया है।
जेपीएससी और JSSC को लेकर विरोध प्रदर्शन, मौजूदा स्थिति क्या?
छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इनमें से छह छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से राज्य की राजधानी आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस जबरन रोक रही है। पुलिस अधीक्षक रंजन ने कहा कि हम कानून व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी भी छात्र के कॅरिअर पर कोई दाग नहीं लगने देना चाहते हैं।






