मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रज प्रवास के दूसरे दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे। यहां उन्होंने गोमाता का पूजन कर गर्भगृह में विराजमान लाला (बाल कृष्ण) के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर योगी आदित्यनाथ 20वीं बार मुख्यमंत्री के रूप में पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों को कल्पना भी नहीं थी कि कभी इतना भव्य विकास होगा। दस साल पहले वहां सड़क थी, न बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था। गंदगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ा था। अब प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। त्योहारों पर यह संख्या 50 लाख तक पहुंच जाती है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है। कनेक्टिविटी के लिए चारों ओर से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं। रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है।
मां विंध्यवासिनी धाम में बना भव्य परिसर
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर योगमाया मंदिर में दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी धरा पर योगमाया ने अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी। वही योगमाया विंध्यवासिनी धाम में प्रकट हुई थीं। योगमाया के प्रति आस्था ने ही विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया है।
मुख्यमंत्री बोले, भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से एक ही बात कही कि अर्जुन…तुम निमित्त मात्र हो…तुम अपना कर्तव्य करो। अगर निष्काम कर्म करोगे तो परिणाम पाओगे। इसी तरह हम सब भी देश, समाज व परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करें, तो देश-प्रदेश को विकसित बनने में कोई देर नहीं लगेगी। सीएम बोले, श्रीकृष्ण कहते हैं कि कर्म करो, अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ो…बाकी चिंता कृष्ण कन्हैया करेंगे।






