जन्माष्टमी 2026: कान्हा के जन्म के साथ उत्सव का उल्लास, मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के चलते मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मंदिरों और प्रमुख बाजारों में शाम होते-होते भीड़ और बढ़ गई। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की झलक पाने और मंदिरों में दर्शन करने के लिए कतारों में लगे थे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को सुबह से देर शाम तक जंक्शन पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने विभिन्न शहरों से मथुरा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कासगंज, जयपुर, अलवर, कोसी, पलवल, हजरत निजामुद्दीन, आगरा छावनी, धौलपुर, ग्वालियर और झांसी समेत कई स्टेशनों से 16 जन्माष्टमी स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इसके अलावा चार ट्रेनों का मथुरा तक विस्तार किया गया। दिनभर जंक्शन पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि जन्माष्टमी पर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया। 

 

 

श्रीकृष्ण शोभायात्रा में झांकियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव समिति द्वारा पांच दिवसीय जन्म महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को भव्य श्रीकृष्ण शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शामिल झांकियों ने पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शोभायात्रा भरतपुर गेट स्थित त्रिवेणी इंटरप्राइजेज से राधे-राधे संकीर्तन मंडल के मधुर भजनों के साथ शुरू हुई। इसमें गणेशजी, बाल गोपाल कृष्ण, तिरुपति बालाजी, राधाकृष्ण का झूला समेत आकर्षक झांकियां और ठाकुर केशव देव का डोला शामिल हुआ। शोभायात्रा होली गेट, छत्ता बाजार, द्वारिकाधीश, स्वामी घाट, चौक बाजार, मंडी रामदास होते हुए डीग गेट पहुंची। यहां ठाकुर केशव देव की आरती के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ। इस दौरान समिति अध्यक्ष मुकेश खंडेलवाल एड., राजेंद्र खंडेलवाल, गिरीश चंद, मुरारी गर्ग, अतुल हार्डवेयर, महेश प्रेस वाले, राजीव मित्तल, शशांक पाठक, कन्हैया लाल अग्रवाल, हरिकिशन, बलराम सोनी, गोविंद, शोभायात्रा संयोजक मनीष और गौरव मौजूद रहे। 

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26 मंचों पर दिखी मिनी भारत की झलक
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं को ब्रज संस्कृति और भारतीय लोक कलाओं से रूबरू कराने के लिए शहर में 26 मंच तैयार किए गए थे। इसमें पांच बड़े और 21 छोटे मंच बनाए गए थे। इन मंचों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने नगरी को उत्सव के रंग में रंग दिया। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल, मंजीरे, खड़ताल और लोक वाद्यों की थाप पर नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा करते हुए मयूर नृत्य और रास प्रस्तुत किया। इस दौरान ब्रज के साथ अवध के लोकगीतों, बुंदेलखंडी राई नृत्य, राजस्थान के घूमर और हरियाणा के फाग नृत्यों ने मथुरा में मिनी भारत का दृश्य जीवंत कर दिया। सांस्कृतिक मंचों पर प्रस्तुत नृत्यों और लोक कलाओं पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए। 

 

 

17 सेल्फी प्वाइंट और तीन स्वागत द्वार से सजा शहर
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नगर निगम ने व्यापक व्यवस्थाएं कीं। स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, शौचालय, यातायात और घाटों पर सुरक्षा के लिए अधिकारी और कर्मचारी जमे रहे। नगर आयुक्त ओजस्वी राज के निर्देश पर व्यवस्थाओं की निगरानी की गई। श्रद्धालुओं के लिए 17 सेल्फी प्वाइंट और तीन स्वागत द्वार बनाए गए। शहर के प्रमुख तिराहे-चौराहों और मार्गों को आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया। दीवारों पर वॉल पेंटिंग के जरिये ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को उकेरा गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गेट संख्या एक, दो और तीन के मार्गों पर रेड कारपेट बिछवाई गई। जन्मभूमि गेट नंबर तीन के समीप खोया-पाया केंद्र, स्वास्थ्य और पुलिस चौकी के पास जूता घर बनाया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए प्रमुख स्थानों पर वॉच टावर और बैरियर लगाए गए। मंदिरों और उनसे जुड़ी गलियों में तीन शिफ्ट में सफाई व्यवस्था लागू की है। भंडारा स्थलों पर लगातार सफाई कराई गई। कूड़ा संग्रहण वाहन भंडारों से कचरा उठाते रहे। यमुना घाटों पर चेंजिंग रूम की व्यवस्था भी की गई।

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कान्हा के जन्मोत्सव पर हुई बूंदा-बांदी, उमस से मिली राहत
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास के बीच शुक्रवार देर शाम अचानक मौसम ने करवट ली और बारिश शुरू हो गई। दिनभर उमस और गर्मी से बेहाल श्रद्धालुओं को बारिश ने राहत दी। बारिश की फुहारों के साथ ही मौसम सुहाना हो गया और वातावरण में ठंडक घुल गई। हालांकि जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए मंदिरों की ओर जा रहे श्रद्धालुओं को अचानक हुई बारिश के कारण परेशानी भी उठानी पड़ी।  

 

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीबांकेबिहारी के समक्ष काटा जाएगा केक
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात को कान्हा का जन्मोत्सव इस बार खास अंदाज में मनाया जाएगा। आधी रात को विशेष रूप से तैयार केक आराध्य के समक्ष अर्पित कर मंदिर के सेवायत गोस्वामियों द्वारा काटा जाएगा। ठाकुरजी के लिए केक आगरा से बनकर आ रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीबांकेबिहारी के लिए आगरा की ब्रज रसायन फर्म द्वारा 21 किलो का केक तैयार कराया जा रहा है। इसमें सभी प्रकार की मेवा और पाग में उपयोग होने वाली खाद्य वस्तुओं का उपयोग किया जाएगा। मंदिर के सेवायत फ्रेंकी गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी के जन्मोत्सव पर आधी रात को उनके समक्ष सेवित कर केक काटा जाएगा। उसके बाद प्रसाद रूप में वह भक्तों में बांटा जाएगा।

 

 

मंगला आरती में शामिल होंगे 600 श्रद्धालु
वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में साल में केवल एक बार होने वाली मंगला आरती के दर्शन के लिए इस बार भी देशभर से श्रद्धालु वृंदावन पहुंच रहे हैं। कान्हा के जन्म के बाद रात 1:45 मिनट पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की आरती होगी। आरती के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं हाईपावर्ड कमेटी ने मंदिर के अंदर पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की संख्या निश्चित की है। हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि इस बार भी मंगला आरती में 600 लोगों को मंदिर के अंदर प्रवेश मिलेगा। सेवायतों से बात करने के बाद पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को संख्या मंदिर के अंदर सीमित की है। पुलिसकर्मियों को भी मंदिर के अंदर जाने के लिए पास जारी किए गए है। जिन पर पास नहीं होंगे उनको आरती के समय प्रवेश नहीं मिलेगा।

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