Jammu: पहाड़ों से निकलकर मैदानों में ठिकाना बनाने की फिराक में आतंकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

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र्द मौसम में पारा गिरने के साथ ही ऊपरी पहाड़ी क्षेत्र के जंगलों में छिपे आतंकी निचले क्षेत्रों में अपना ठिकाना खोजने की फिराक में हैं। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ऊपरी ठंडे इलाकों में आतंकियों के लिए छिपना आसान नहीं रहेगा। इसलिए वह मैदानी क्षेत्रों में आने के लिए अपने मददगारों से संपर्क कर रहे हैं। सुरक्षाबल सतर्क हैं और आतंकियों के इसी मंसूबे को ध्वस्त करने के लिए पूरे जम्मू संभाग में व्यापक छापे एवं तलाशी अभियान चलाए गए हैं।

डोडा के एसएसपी संदीप मेहता ने कहा कि आतंकवादी संगठनों के स्थानीय समर्थन नेटवर्क की पहचान के लिए चल रही तलाशी में मारे गए आतंकवादियों, आत्मसर्मण कर चुके आतंकियों समेत संदिग्धों के घरों को भी खंगाला जा रहा है।

स्थानीय युवाओं को निशाना बनाने वाले संभावित स्लीपर सेल और ऑनलाइन प्रचारकों पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस आतंकवादी गतिविधियों में सहायता या उन्हें बढ़ावा देने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रखेगी।

 

रामबन के एसएसपी अरुण गुप्ता ने कहा कि ऐसे अभियान हमारी निवारक और खुफिया-आधारित कार्यवाहियों का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है। उन्होंने बताया कि पुलिस व सुरक्षाबलों की विभिन्न टीमों ने संदिग्धों के परिसरों की गहन जांच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई राष्ट्रविरोधी या अवैध गतिविधि तो नहीं चल रही है।

इसी तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग करें और अपने क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी साझा करें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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Terrorists trying to leave the mountains and establish base in the plains

किश्तवाड़ के एसएसपी नरेश सिंह ने बताया कि आतंकी नेटवर्क को खत्म करने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने रविवार तड़के मलवा क्षेत्र में उन लोगों के घरों पर छापेमारी की जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में रह रहे जम्मू-कश्मीर नेशनल्स ऑपरेटिंग फ्रॉम पाकिस्तान के सदस्यों के रिश्तेदार या सहयोगी बताए जा रहे हैं।

राजोरी के एसएसपी गौरव सिवारकार ने बताया कि पुलिस ने सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने और शांति बनाए रखने के अपने प्रयास जारी रखे हैं। जिले में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

इसका उद्देश्य पाकिस्तान से काम कर रहे जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों के रिश्तेदारों की संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना और संदिग्ध व्यक्तियों के पिछले रिकॉर्ड की पुष्टि करना और संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा कड़ी करना था।


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