इंटरनेट शटडाउन- रूस में बंद हुआ इंटरनेट तो पूरा देश हो गया परेशान, कागज वाले मैप लेकर घूम रहे हैं लोग

Spread the love

 

रूस में इंटरनेट की स्वतंत्रता पहले से ही कई तरह की पाबंदियों में जकड़ी हुई थी और अब मोबाइल इंटरनेट शटडाउन की बढ़ती घटनाओं ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दक्षिणी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन के ब्लॉगर पावेल ओसिप्यान का एक मजाकिया गाना, जिसमें वे कमजोर मोबाइल नेटवर्क पर तंज कसते हैं, हाल ही में इंस्टाग्राम पर आधे मिलियन से ज्यादा बार देखा गया। वे गाते हैं, “इंटरनेट बस दोपहर 12 बजे तक होता है, उसके बाद कुछ नहीं। गुस्सा मत करो, अब तो आदत डाल लो।” यह शिकायत केवल रोस्तोव तक सीमित नहीं है। पिछले दो महीनों में, ड्रोन हमलों से सुरक्षा के नाम पर मोबाइल इंटरनेट को कई रूसी क्षेत्रों में बंद किया गया है जिनमें सीमावर्ती क्षेत्र, साइबेरिया और रूस के सुदूर पूर्वी इलाके भी शामिल हैं। कुछ जगहों पर Wi-Fi सेवाएं भी बाधित हुई हैं।

 

लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित

  • कार्ड पेमेंट ठप
  • टैक्सी और राइड-शेयरिंग एप्स काम नहीं कर रहे
  • ATM काम नहीं कर रहे
  • नक्शों के लिए फिर से पेपर मैप्स का सहारा लेना पड़ रहा है

 

सरकार का तर्क: सुरक्षा जरूरी है

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की है कि ये शटडाउन यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जहां भी नागरिकों की सुरक्षा की बात हो, वह सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इंटरनेट शटडाउन की शुरुआत मई 2024 में हुई, जब मॉस्को में द्वितीय विश्व युद्ध की 80वीं वर्षगांठ पर बड़ी परेड आयोजित की गई थी। ऑपरेशन स्पाइडरवेब के तहत यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद शटडाउन तेजी से बढ़ा। Na Svyazi नामक संगठन के अनुसार, जुलाई के मध्य तक 80 में से 73 रूसी क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट बंद किया गया था।

और पढ़े  केंद्रीय कर्मचारियों का बढ़ा डीए,50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों को मिलेगा फायदा

लोगों की प्रतिक्रिया

वोरोनेज की एक महिला ने कहा कि बिना इंटरनेट के वह “गुफा में” महसूस कर रही थीं। समारा शहर की नतालिया ने बताया कि रात 11 बजे के आसपास उनका Wi-Fi एकदम धीमा हो जाता है। कुछ ग्रामीण इलाकों में जहां केवल मोबाइल इंटरनेट ही विकल्प होता है, वहां स्थिति और भी विकट है। फार्मेसियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि दवाइयों के पर्चे खास सॉफ्टवेयर में दर्ज करने होते हैं, जो इंटरनेट बंद होने पर संभव नहीं होता।

रूसी और यूक्रेनी ड्रोन आमतौर पर सेलफोन नेटवर्क से संचालित होते हैं, इसीलिए सरकार शटडाउन को एक रणनीतिक कदम मानती है। रूस ने पहले ही फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, सिग्नल जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर रखा है। VPN सेवाओं पर रोक लगाई जा रही है। अब एक राष्ट्रीय मैसेजिंग एप की योजना है, जिससे विदेशी एप्स को पूरी तरह हटाया जा सके। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार, यह सब Kremlin की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह इंटरनेट को पूरी तरह नियंत्रित करना चाहता है, जैसा चीन में हुआ है।


Spread the love
  • Related Posts

    पश्चिम एशिया तनाव- सीजफायर के बीच दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमले जारी, UAE-ब्रिटेन के शीर्ष राजनयिकों की बैठक

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम एशिया इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। एक ओर जहां संघर्ष के बीच युद्धविराम और बातचीत की उम्मीदें दिखाई दे रही हैं, वहीं दूसरी…


    Spread the love

    बंगाल में ED की बड़ी कार्रवाई: कोलकाता DCP के घर छापा, इस केस से जुड़ा है मामला

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा कदम उठाते हुए कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास के आवास पर…


    Spread the love