पश्चिम एशिया में जारी संकट का फिलहाल कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा है। आसमान मिसाइलों से दहक रहा है, जमीन धमाकों से कांप रही है और हर दिन हालात और खतरनाक होते जा रहे हैं। युद्ध अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बन चुका है। अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ जारी संघर्ष अब 31वें दिन में पहुंच चुका है और हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
अंगोला से एलपीजी खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां, होर्मुज से नहीं गुजरना होगा
ईरान जंग की वजह से भारत में आई गैस की कमी से निपटने के लिए सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए देशों से रसोई गैस (एलपीजी) खरीदने का विकल्प तलाश रही है। इसी वजह से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गेल जैसी कंपनियां अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल से एलपीजी खरीदने पर बातचीत कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां सोनानगोल के साथ लंबे समय का समझौता करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और सरकार स्तर पर भी चर्चा चल रही है।
ईरान की धमकी- अमेरिकी-इस्राइली अधिकारियों के घर अब वैध लक्ष्य
ईरान ने अमेरिकी और इस्राइली अधिकारियों के घरों को निशाना बनाने की धमकी दी है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई, जब ईरानी शहरों में आवासीय इलाके हमलों के दायरे में आ गए हैं। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोलघारी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी और इस्राइली सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों के घर अब ‘वैध लक्ष्य’ माने जा सकते हैं। यह चेतावनी उस समय आई,जब ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच तनाव बढ़ रहा है।
जोलघारी ने कहा कि ईरान के कई शहरों में अमेरिकी और इस्राइली बलों की ओर से आवासीय क्षेत्रों पर किए गए हमलों के जवाब में यह निर्णय लिया गया है। इस बयान से क्षेत्र में संघर्ष की तीव्रता बढ़ने और नागरिकों और अधिकारियों के लिए जोखिम बढ़ने का डर पैदा हो गया है।







