मई में लागू हो सकता है भारत-UK FTA, आयात-निर्यात के आंकड़ों में देश कहां? सरकार ने सब बताया

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वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात 4.22 प्रतिशत बढ़कर 860 अरब डॉलर के शानदार स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन पश्चिम एशिया संकट के कारण मार्च महीने में देश के व्यापार को तगड़ा झटका लगा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा जारी व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व में संघर्ष के चलते मार्च में कुल निर्यात 7.44 प्रतिशत तक गिर गया है। इन वैश्विक चुनौतियों और उतार-चढ़ाव के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) मई महीने में लागू होने की उम्मीद है।

 

निर्यात और आयात के मोर्चे पर भारत का प्रदर्शन

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का व्यापारिक प्रदर्शन कुल मिलाकर सकारात्मक रहा है। देश का कुल निर्यात (वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर) 4.22 प्रतिशत बढ़कर 860 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। अगर इसे अलग-अलग देखा जाए, तो वस्तुओं का निर्यात 1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 441.78 अरब डॉलर रहा, जबकि सेवाओं का निर्यात लगभग 418.31 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। निर्यात के साथ-साथ आयात में भी इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025-26 के दौरान कुल आयात 774.98 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो कि पिछले साल के 721.2 अरब डॉलर के मुकाबले अधिक है।

मार्च महीने में दिखा पश्चिम एशिया संघर्ष का असर

हालांकि सालाना आंकड़े बेहतर हैं, लेकिन हाल ही में पश्चिम एशिया में शुरू हुए संकट ने व्यापार को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। इस भू-राजनीतिक तनाव के चलते मार्च महीने में भारत का कुल निर्यात 7.44 प्रतिशत घटकर 38.92 अरब डॉलर रह गया। वाणिज्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस संघर्ष के कारण केवल मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) क्षेत्र में होने वाले निर्यात में 57.95 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, इस क्षेत्र से आने वाले सामानों यानी आयात में भी मार्च महीने के दौरान 51.64 प्रतिशत की बड़ी कमी आई है।

भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक समझौते की उम्मीद

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने व्यापार आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट या एफटीए) जल्द ही धरातल पर उतर सकता है। इस महत्वपूर्ण समझौते के मई महीने में लागू होने की उम्मीद है, जिससे आने वाले समय में देश के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को एक नई गति मिलने की संभावना है।

भारत और ब्रिटेन ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारतीय निर्यात का 99 प्रतिशत हिस्सा ब्रिटिश बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश करेगा, जबकि कारों और व्हिस्की जैसे ब्रिटिश उत्पादों पर भारत में शुल्क कम किया जाएगा।

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उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, “हमें उम्मीद है कि ब्रिटेन से संबंधित मुक्त व्यापार समझौता मई में लागू हो जाएगा। अभी तक तारीख तय नहीं हुई है क्योंकि ब्रिटेन की तरफ से भी कुछ बातचीत चल रही है।” उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता 1 जून तक लागू हो जाएगा।


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