सिलिकॉन वैली में फिर भारत का डंका: अनिल चक्रवर्ती बने एडोबी के सीईओ, एआई कितनी बड़ी चुनौती?

माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला, गूगल के सुंदर पिचाई और आईबीएम के अरविंद कृष्णा के बाद अब दुनिया की एक और दिग्गज टेक कंपनी की कमान भारतीय मूल के इंजीनियर के हाथों में आ गई है।

फोटोशॉप और इलस्ट्रेटर जैसे सॉफ्टवेयर बनाने वाली 42 साल पुरानी अग्रणी कंपनी एडोबी ने अपने इनसाइडर लीडर अनिल चक्रवर्ती को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। वे पिछले 18 वर्षों से कंपनी की कमान संभाल रहे शांतनु नारायण की जगह लेंगे। शांतनु नारायण अब कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे वक्त पर हुआ है जब एडोबी जेनेरेटिव एआई के उभरते तूफान और कड़े मुकाबलों के बीच अपने 190 अरब डॉलर (17.95 लाख करोड़ रुपये) के साम्राज्य को बचाने के लिए जूझ रही है।

 

नए अध्याय के लिए तैयार

इस ऐतिहासिक मोड़ पर एडोबी का नेतृत्व करने का अवसर मिलना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है। शांतनु नारायण के असाधारण नेतृत्व ने दशकों तक कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब हम क्रिएटिविटी और प्रोडक्टिविटी के लिए एजेंटिक सॉफ्टवेयर के अगले युग में कदम रख रहे हैं, और एडोबी के इस नए अध्याय को लिखने के लिए मैं पूरी तरह तैयार हूं। –अनिल चक्रवर्ती

 

बीएचयू से एमआईटी तक का सफर

अनिल चक्रवर्ती का कॅरिअर तकनीकी दक्षता और कॉरपोरेट मैनेजमेंट का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। इसके बाद मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से एमएस और पीएचडी पूरी की। एडोबी से पहले वे क्लाउड डाटा मैनेजमेंट कंपनी इनफॉर्मेटिका के 4 साल तक सीईओ रहे। वे मैकिन्से, सिमेंटेक और वेरीसाइन में भी शीर्ष पदों पर रह चुके हैं। जनवरी 2020 में एडोबी से जुड़ने के बाद उन्होंने ‘डिजिटल एक्सपीरियंस’ बिजनेस की कमान संभाली और जेनस्टूडियो जैसी एआई-संचालित पहलों को आगे बढ़ाया।

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एडोबी के सामने 3 चुनौतियां

जेनेरेटिव एआई से खतरा

मिडजर्नी और ओपनएआई जैसे टूल्स बिना फोटोशॉप सीखे मिनटों में डिजाइन व वीडियो बना रहे हैं।

कैनवा और फिग्मा का दबाव

इन ब्राउजर-आधारित टूल्स ने नए डिजाइनरों के बीच एडोबी के एकाधिकार को तोड़ा है।

वॉल स्ट्रीट का गिरता भरोसा

कंपनी के शेयर 2025 में 21% टूटने के बाद इस साल भी अब तक करीब 18% फिसल चुके हैं। सीएफओ का इस्तीफा होने से वित्तीय लीडरशिप में भी खालीपन है।

 

 

 

शांतनु नारायण का 18 साल का स्वर्णिम युग

शांतनु नारायण ने 2007 में एडोबी के सीईओ का पद संभाला था। उनके कार्यकाल को टेक जगत के सबसे सफल बदलावों में गिना जाता है। उन्होंने सीडी में बिकने वाले फोटोशॉप को क्रिएटिव क्लाउड सब्सक्रिप्शन मॉडल में बदला। भारी विरोध के बावजूद इस मॉडल ने एडोबी को विशालकाय ब्रांड बना दिया। शांतनु ने मार्च में ही पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। 6 महीने लंबी प्रक्रिया के बाद उन्होंने अपनी पसंद के उत्तराधिकारी अनिल चक्रवर्ती को कमान सौंपी है।

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