भारत अमेरिका व्यापार समझौता- भारत पहुंचे ब्रेंडन लिंच,व्यापार समझौते के खोजे जाएंगे रास्ते, छठे दौर की बातचीत पर मंथन

Spread the love

 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में आई नरमी के बीच भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को राजधानी दिल्ली में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर वार्ता होगी। बैठक ऐसे समय होने जा रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। इससे भारतीय निर्यात पर कुल टैरिफ 50 फीसदी तक पहुंच गया है, जो अमेरिका के किसी भी साझेदार पर सबसे ऊंचा है।

 

व्यापार वार्ता को लेकर हाल के कुछ दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप के रुख में बड़ा बदलाव आया है, जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं। भारत के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, मंगलवार को बातचीत छठे दौर की तैयारी के तौर पर होगी। दोनों देश व्यापार वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाएंगे। हमने पहले ही संकेत दिया था कि दोनों देशों के बीच चर्चा चल रही है।

उन्होंने बताया कि अमेरिका के दक्षिण एशिया के व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच एक दिन की यात्रा पर सोमवार देर रात दिल्ली पहुंचे। मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच बातचीत होगी, जिसके बाद आगे की तस्वीर साफ हो सकेगी। यह वार्ता का छठा दौर नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से व्यापार वार्ता पर चर्चा है और यह देखने की कोशिश है कि हम भारत और अमेरिका के बीच कैसे समझौते पर पहुंच सकते हैं।

 

पांच दौर की हो चुकी है वार्ता
अग्रवाल ने कहा, भारत और अमेरिका साप्ताहिक आधार पर वर्चुअल माध्यम से चर्चा कर रहे हैं। बातचीत तो चल रही थी, लेकिन इसमें ज्यादा प्रगति नहीं हो पार रही थी। बातचीत के लिए माहौल अनुकूल नहीं था। भारत और अमेरिका के बीच अब तक व्यापार समझौते पर पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। छठे दौर की बैठक 25 से 29 अगस्त तक प्रस्तावित थी, लेकिन अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद यह टाल दी गई थी।

और पढ़े  सिलीगुड़ी: PM मोदी की हुंकार- बोले- चार मई के बाद बनेगी BJP सरकार, टीएमसी को देना होगा पाई-पाई का हिसाब

 

कौन हैं ब्रेंडन लिंच?
ब्रेंडन लिंच दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि हैं। वह इस क्षेत्र के 15 देशों के साथ अमेरिका की व्यापार नीति बनाने और लागू करने का काम देखते हैं। इसमें अमेरिका-भारत व्यापार नीति मंच (टीपीएफ) चलाना और क्षेत्रीय देशों के साथ व्यापार और निवेश रूपरेखा समझौते (टीआईएफए) के तहत काम का तालमेल बिठाना भी शामिल है।

 

भारत के लिए इसलिए अहम
अमेरिकी टैरिफ से भारतीय निर्यात को सीधा नुकसान हुआ है। इसलिए यह वार्ता भारत के लिए अहम मानी जा रही है। अमेरिकी टैरिफ का असर अगले महीने और ज्यादा साफ दिखेगा, क्योंकि नए शुल्क 27 अगस्त से लागू हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मसले पर जल्द समाधान नहीं हुआ तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर गहरा असर पड़ सकता है।

 

एक दर्जन देशों के साथ व्यापार वार्ता जारी
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि भारत एफटीए को लेकर कई देशों से बातचीत कर रहा है। इसमें अमेरिका, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, दक्षिण कोरिया, पेरू और श्रीलंका जैसे एक दर्जन देश शामिल हैं। इनमें सबसे अहम भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता है।


Spread the love
  • Related Posts

    पश्चिम एशिया तनाव- सीजफायर के बीच दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमले जारी, UAE-ब्रिटेन के शीर्ष राजनयिकों की बैठक

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम एशिया इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। एक ओर जहां संघर्ष के बीच युद्धविराम और बातचीत की उम्मीदें दिखाई दे रही हैं, वहीं दूसरी…


    Spread the love

     उत्तर कोरिया ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, हाई अलर्ट पर जापान, दक्षिण कोरिया भी सतर्क

    Spread the love

    Spread the loveएशिया में एक बार फिर तनाव की लहर तेज हो गई है। रविवार को दक्षिण कोरिया ने दावा किया कि उत्तर कोरिया ने अपनी पूर्वी समुद्री सीमा की…


    Spread the love