उत्तरकाशी में हर्षिल में फटा बादल, मात्र 20 सेकेंड में सब कुछ हो गया तबाह..

Spread the love

 

त्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक बहुत ही डरावनी और दुखद घटना सामने आई है। हर्षिल इलाके में अचानक बादल फट गया, जिससे इलाके में भारी तबाही मच गई। बताया जा रहा है कि इस घटना में 12 लोग मलबे में दब गए हैं और करीब 60 लोग लापता हो गए हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे सिर्फ 20 सेकंड में सब कुछ तबाह हो गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हुए और चीखते-चिल्लाते नजर आए। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
जानकारी के अनुसार खीरगाड़ नाले में पानी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ गया। पानी के साथ भारी मलबा भी तेजी से बहता हुआ धराली और आसपास के गांवों में घुस आया। इसकी वजह से कई घर, दुकानें और होटल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया और मलबे ने लोगों का सामान बर्बाद कर दिया। धराली मार्केट भी इस आपदा से बहुत प्रभावित हुआ है।

 

प्रशासन ने राहत बचाव का काम किया शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए। भटवाड़ी से एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना की गई है। जिला अधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि हर्षिल के पास धराली में यह एक बड़ी प्राकृतिक आपदा है और सभी जरूरी राहत टीमें काम में लगी हुई हैं।

पुलिस ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
उत्तरकाशी पुलिस ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि खीरगाड़ का पानी अचानक बहुत बढ़ गया, जिससे धराली में नुकसान हुआ है। पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और दूसरी आपदा राहत टीमें मिलकर लोगों की मदद कर रही हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों और नालों से दूर रहें और अपने बच्चों और पालतू जानवरों को भी सुरक्षित जगह पर रखें।

 मुख्यमंत्री ने भी जताया दुख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में बादल फटने से जो नुकसान हुआ है, वह बहुत ही दुखद और तकलीफदेह है। मुख्यमंत्री ने बताया कि SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियां पूरी ताकत के साथ राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभावित लोगों की सलामती की प्रार्थना की है। फिलहाल राहत कार्य जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। प्रशासन लोगों से शांत और सतर्क रहने की अपील कर रहा है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि पहाड़ी इलाकों में मौसम कैसे अचानक खतरनाक रूप ले सकता है।

और पढ़े  देहरादून: नाराज हुए सीएम धामी- अफसरों ने जबरन बंद कीं 22 हजार शिकायतें, आंकड़ा देख हुए गुस्सा, अफसरों को दी ये चेतावनी

Spread the love
  • Related Posts

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 5 नई वॉल्वो बस सेवाएं शुरू, 236 रुपये तक घटा किराया, ये रहेगा शेड्यूल

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड परिवहन निगम ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लोकार्पण के बाद इस पर अपनी बसों की संख्या बढ़ा दी है। पांच नई वॉल्वो बस सेवा शुरू होने के बाद अब…


    Spread the love

    उत्तराखंड- पहली बार बद्री तुलसी की होगी व्यावसायिक खेती, भगवान बदरी विशाल की पूजा में होती है इस्तेमाल

    Spread the love

    Spread the love     बदरीनाथ धाम के आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली बद्री तुलसी की पहली बार व्यावसायिक खेती की जाएगी। इसके लिए सगंध पौध…


    Spread the love