लालकुआं:- संसद में उठाए गए अवैध खनन के मामल में पूर्व मुख्यमंत्री को मिल रहा भाजपा नेताओं का समर्थन”अब पूर्व विधायक ने भी उठाया अवैध खनन का मुद्दा”

 

 

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार लोकसभा से सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद में उठाए गए अवैध खनन के मुद्दे में प्रदेश की धामी सरकार घिरती दिखाई दे रही है। जहां विपक्षी पार्टियां उक्त में मामले में को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक है। तो वहीं भाजपा के कुछ नेताओं ने भी इस मामले में खुलकर पूर्व मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया है।इधर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के बाद अब लालकुआं के वरिष्ठ भाजपा एवं पूर्व विधायक नवीन चन्द्र दुम्का ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग का कारोबार चरम सीमा पर है खनन माफिया दिन रात नदियों से अवैध खनन कर रहे हैं
उन्होंने कहा कि यहां अवैध कारोबार अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है उन्होंने कहा कि अवैध खनन के कारोबार से नम्बर एक का कारोबार पूरी तरह बंद होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नैनीताल, ऊधम सिंह नगर में अवैध खनन का खेल खुलेआम जारी है। प्रशासन की अनदेखी और मिलीभगत से यह अवैध खनन माफियाओं के लिए सोने की खान बन चुका है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही सूरज की पहली किरण धरती पर पड़ती है, वैसे ही खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने पट्टों के नाम पर प्राप्त परमिशन की आड़ में धड़ल्ले से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और हाईवा द्वारा अवैध खनन की ढुलाई की जा रही है। न कोई प्रशासनिक रोकटोक है और न ही कोई सख्त कार्रवाई। यहां सिलसिला लंबे समय से चल रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस अवैध खनन का सबसे बड़ा खामियाजा लालकुआं के वाहन स्वामियों और खनन कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लालकुआं किसी वक्त खनन की सबसे बड़ी मंडी हुआ करती थी लेकिन अवैध खनन के कारोबार लोगों के रोजगार को छिन लिया है।
उन्होंने कहा कि इस अनियंत्रित खनन से न केवल कृषि भूमि को क्षति पहुंच रही है, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है। भू-क्षरण की समस्या बढ़ रही है, जिससे नदियों के किनारे कट रहे हैं और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, सड़कों पर चलने वाले भारी वाहनों के कारण सड़कें भी जर्जर हो रही हैं, तथा सड़क दुघर्टनाओं में भी इजाफा हो रहा है जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अवैध खनन के पीछे प्रशासन की मिलीभगत है, जिसके कारण यह व्यापार बेखौफ जारी है। पुलिस और खनन विभाग की निष्क्रियता के चलते माफिया बेधड़क अपने कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस विशेष ध्यान की मांग की है।

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