जी7 सम्मेलन- जी7 सम्मेलन के बाद आज अहम द्विपक्षीय बैठकें, शाम में PM मोदी-ट्रंप की मुलाकात की योजना

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 देशों के सम्मेलन में मंगलवार को मजबूती से भारत का पक्ष रखा। आज सम्मेलन का दूसरा दिन है। जी7 देशों की बैठक से इतर आज कई कारोबारियों और कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से के साथ बातचीत निर्धारित है। पीएम मोदी आज शाम करीब 6.15 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। जी7 सम्मेलन से इतर कई अहम द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम भी निर्धारित है। जी7 देशों के इस सम्मेलन में मेजबान फ्रांस के अलावा कनाडा, ब्रिटेन, इटली, यूएई समेत कई देश शामिल हो रहे हैं।

 

आज शाम करीब 6.15 बजे ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 6.15 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर के साथ पीएम मोदी ने की द्विपक्षीय बैठक

विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष दोनों प्रधानमंत्रियों की पारस्परिक यात्राओं के बाद से भारत-ब्रिटेन संबंधों में आई मजबूत गति की समीक्षा की और व्यापार एवं आर्थिक विकास, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और हरित ऊर्जा, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा शिक्षा एवं जन-संबंधों सहित विजन 2035 के सभी स्तंभों में हुई प्रगति का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में ब्रिटेन के सशक्त प्रतिनिधित्व के लिए प्रधानमंत्री स्टार्मर को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया, जिसमें हाल ही में भारत-ब्रिटेन क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी का शुभारंभ भी शामिल है।

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जी7 के मंच से पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा

जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी क्षति पहुंची है। कई भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के माध्यम से सभी देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी भय के अपना काम कर सकें।”

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