इंसानों की मौत: बाघों का आतंक-  2 घंटे में तीन पर हमला… महिला की मौत, दो घायल, किशोर ने लड़कर बचाई अपनी जान

 

पीलीभीत के न्यूरिया इलाके में दो किसानों की जान लेने वाले बाघों ने फिर आतंक फैला दिया। बृहस्पतिवार सुबह दो घंटे के अंतराल में बाघ ने अलग-अलग जगहों पर दो महिलाओं समेत तीन ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इनमें मंडरिया गांव निवासी 50 वर्षीय तृष्णा की मौत हो गई। वह सुबह-सुबह खेत पर गई थीं, तभी बाघ उन्हें दबोच ले गया। उनका शव खेत से बरामद हुआ। इससे 15 मिनट पहले मंडरिया के ही किशोर नीलेश पर बाघ ने हमला किया। नीलेश करीब 10 मिनट तक बाघ से लड़ता रहा। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ उसे छोड़कर भागा।

 

सहजनिया में महिला को किया घायल 
मंडरिया से पहले सहजनिया और अनवरगंज गांवों में दूसरा बाघ देखा गया है। इस बाघ ने सुबह करीब छह बजे सहजनिया गांव निवासी मीना (50 वर्ष) पर हमला कर दिया। वह खेत पर जा रही थीं, तभी गन्ने के खेत से निकले बाघ ने उन्हें दबोच लिया और 20 मीटर तक खींच ले गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर छोड़कर भाग गया। हमले से मीना गंभीर घायल हो गईं। उनकी पीठ में गहरा घाव हुआ है। घायल अवस्था में उनको तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

मंडरिया गांव में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। सूचना मिलते ही डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और एसपी अभिषेक यादव फोर्स के साथ गांव पहुंच गए। वन विभाग की टीमें भी गांव में मौजूद हैं। इलाके में बाघों की तलाश तेज कर दी गई है, लेकिन बाघ लगातार चकम दे रहा है। 

और पढ़े  अयोध्या- संपर्क-संवाद के सहारे प्रबुद्ध वर्ग में पैठ मजबूत करेगी भाजपा

ग्रामीणों ने बनाया वीडियो 
सहजनिया और अनवरगंज के खेतों और सड़क पर घूमते बाघ का ग्रामीणों ने वीडियो भी बनाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में दो बाघ है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यशैली को लेकर रोष है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि बाघ की लगातार बढ़ रही चहलकदमी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। डिप्टी रेंजर शेर सिंह ने कहा कि इलाके में निगरानी की जा रही है। फिलहाल इलाके में बाघ का खौफ इस कदर फैला है कि लोग घरों में कैद हो गए हैं।

काम न आ रहे हाथी और थर्मल ड्रोन
सोमवार सुबह करीब छह बजे बाघ ने न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव फुलहर निवासी दयाराम को हमला कर मार डाला था। सूचना पर पहुंचकर वन विभाग की टीम ने बाघ की निगरानी और पकड़ने का प्रयास शुरू किया। मंगलवार को दो हाथियों से निगरानी शुरू की गई। बाघ की लोकेशन जानने के लिए थर्मल ड्रोन भी उड़ाया गया।

गांव के आसपास ही खेतों में डेरा जमाए बाघ ने वन विभाग की टीम पर झपटने का प्रयास किया। इसके बाद गांव के बाहर खेतों में जाल भी लगाया गया। बुधवार को पूरे दिन टीम निगरानी में जुटी रही, लेकिन बाघ लगातार चकमा दे रहा है। हाथियों से भी निगरानी की जाती रही। बृहस्पतिवार सुबह बाघ ने महिला पर हमला कर फिर दहशत फैला दी है।

  • Related Posts

    भीषण हादसा: कार-टेंपो की जोरदार भिड़ंत, 3 लोगों की मौत, 16 घायल, चीखों से दहला इलाका

    रेणुकूट-बीजपुर मार्ग पर नधिरा मोड़ के पास मंगलवार को कार और टेंपो की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हो…

    UP- मूली उखाड़ने खेत गईं सास-बहू की मौत: युवती के सामने गई मां और भाभी की जान, बचाने के चक्कर में खुद झुलसी

    गाजियाबाद स्थित राजनगर एक्सटेंशन के भोवापुर गांव में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के ठेकेदार की लापरवाही ने दो महिलाओं की जान ले ली, जबकि एक युवती झुलस गई। तीनों सड़क…