मीठा तरबूज: कैसे करें मीठे तरबूज की पहचान? खरीदते समय रखें सिर्फ कुछ इन बातों का ध्यान

Spread the love

 

मौसमी फलों का स्वाद तो हर कोई लेना चाहता है लेकिन अक्सर लोग कच्चे, बेस्वाद या खराब फल घर ले आते हैं। इसका कारण होता है फल खरीदते समय उसकी ताजगी या मिठास की पहचान न कर पाना। गर्मियों के मौसम में तरबूज बाजारों में बिकना शुरू हो जाता है। तरबूज सेहत के लिहाज से अच्छा होता ही है, साथ ही स्वाद में भी मीठा और कई लोगों का पसंदीदा होता है। ऊपर से हरा दिखने वाला तरबूज अंदर से लाल होता है। पर अक्सर तरबूज काटने पर स्वाद में फीका निकल जाता है। इस तरह के तरबूज में कोई स्वाद नहीं होता और पैसों बर्बाद हो जाते हैं।

आजकल केमिकल की मदद से फल तैयार किए जा रहे हैं जो बेस्वाद होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। तरबूज खरीदते समय सारे एक जैसे लगते हैं, अब इसमें से अंदर से मीठा कौन सा है और कौन सा फीका है, ये कैसे पहचाना जाए। केमिकल वाले तरबूज और प्राकृतिक तरबूज में क्या अंतर होता है? इनका अंतर पहचानना या मीठे तरबूज की पहचान करने के लिए कुछ सरल से टिप्स हैं, जिनको अपना लिया तो आपका लाया तरबूज मीठा ही निकलेगा।

मीठे और पके हुए तरबूज की पहचान के तरीके

तरबूज के अंदर आने वाली आवाज

तरबूज खरीदते समय अगर ये जानना है कि वह अंदर से मीठा है या नहीं, तो उसे थपकी मारकर देखें। तरबूज से आने वाली आवाज से पता लगाया जा सकता है कि वह पका हुआ है या कच्चा है। अगर तरबूज  से टप-टप की या तेज आवाज आ रही है तो वह पक्का हुआ माना जाता है। अगर तरबूज में से आवाज धीमी आती है तो उसे कच्चा माना जाता है।

और पढ़े  सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर ट्रंप तिलमिलाए, रद्द किए टैरिफ के बदले सभी देशों पर 10% वैश्विक शुल्क का एलान

 

तरबूज का रंग

तरबूज में बनी धारियों से उनकी मिठास की पहचान कर सकते हैं। तरबूज में अगर गाढ़ी हरी लाइन बनी हैं तो तरबूज मीठे हो सकते हैं। अधिक गहरे और चटक रंग वाले तरबूज मीठे हो सकते हैं। हल्की धारी वाले तरबूज अंदर से कच्चे या बेस्वाद हो सकते हैं। तरबूज की एक वैरायटी होती है, जिसमें धारियां नहीं होती हैं। ऐसे प्लेन छिलके वाले तरबूज छोटे साइज के खरीदने चाहिए, वह मीठे हो सकते हैं।

 

 

तरबूज का वजन

तरबूज का वजन ये बता सकता है कि वह मीठा है या बेस्वाद। तरबूज को उठा कर देखें, अगर वह साइज में बड़े होते हैं लेकिन उठाने में हल्के लगते हैं तो वह कच्चे हो सकते हैं। उनमें रस कम होता है  और वह मीठे नहीं होते। तरबूज के साइज के अनुरूप ही वजन भी हो तो उसे खरीद सकते हैं। ऐसे तरबूज मीठे हो सकते हैं।

 

 

तरबूज में पीला रंग और डंठल

सभी तरबूज  में ऊपर की ओर हल्का पीला रंग होता है। यह फसल के दौरान जमीन में लगा हुआ भाग होता है। तरबूज के ऊपरी भाग का पीला रंग जितना गाढ़ा होगा, तरबूज  उतना मीठा होगा। अगर ऊपर वाला हिस्सा हल्का पीला या सफेद हो तो तरबूज कच्चा होता है। इसके अलावा अगर तरबूज का डंठल सूखा है और भूरे रंग का तो यह पका हो सकता है लेकिन अगर डंठल वाला भाग हरा है तो समझिए कि इसे पूरी तरह से पकने से पहले ही तोड़ दिया गया और यह अंदर से कच्चा और बेस्वाद होगा।

और पढ़े  BJP का कांग्रेस पर बड़ा आरोप- कर्नाटक में करोड़ों रुपये की जमीन बेहद कम दाम में गांधी परिवार को दी गई

 

 

छिलके की बनावट

पके हुए तरबूज  का छिलका गहरे हरे रंग का और थोड़ा खुरदुरा होता है। तरबूज का छिलका बहुत ज्यादा चमकदार या चिकना है तो ये माना जा सकता है कि तरबूज  पूरी तरह से पका नहीं है।


Spread the love
  • Related Posts

    जौलीग्रांट- हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर बवाल, स्थिति तनावपूर्ण, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका

    Spread the love

    Spread the love   हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर जौलीग्रांट थानों के पास बवाल हो गया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। थानो क्षेत्र में स्थित एक…


    Spread the love

    चमोली- पोखरी में शॉर्ट सर्किट से प्राथमिक विद्यालय  पैणी में आग, कंप्यूटर और फर्नीचर जले

    Spread the love

    Spread the loveविकासखंड पोखरी के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय पैणी में आग लगने से विद्यालय का कंप्यूटर और फर्नीचर जलकर नष्ट हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय कोई जनहानि…


    Spread the love