नेपाल में बाढ़ के बाद अब जिंदगी और कठिन हो गई है। जिन इलाकों का संपर्क पुल टूटने और सड़क मार्ग बाधित होने से पूरी तरह कट चुका है, वहां सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला हुआ है। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 919 लोगों को सुरक्षित निकालकर सेना के कैंप और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। रेस्क्यू किए गए लोगों में 54 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अलग-अलग स्थानों से 36 शव भी बरामद किए जा चुके हैं।

रविवार को सेना के कैंप के बाहर पूरे दिन लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। किसी को अपने माता-पिता की तलाश है तो कोई अपने बेटे, भाई या रिश्तेदार की खबर लेने के लिए कैंप तक पहुंच रहा है। लोगों की आंखों में अपनों को खोने का डर साफ दिखाई दे रहा है। कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में हैं।
कैंप कार्यालय में सेना की तरफ से बताया गया कि रविवार को शाम चार बजे तक 209 लोगों को सकुशल रेस्क्यू करके लाया गया। 200 से ज्यादा लोगों ने अपनों के लापता होने की सूचना दी है। जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया उनकी सूची बाहर चस्पा कर दी गई है। वहां पहुंचे लोगों में किसी को अपने माता-पिता की तलाश है तो कोई अपने बेटे, भाई या रिश्तेदार की खबर ले रहा है। लोगों की आंखों में अपनों को खोने का डर साफ दिखाई दे रहा है।
प्रभावित इलाकों में बिगड़ रही भूखे-प्यासे लोगों की हालत
कैंप में दर्द और बेबसी में कट रहीं रातें






