हिंदू समाज- दुनिया के प्रभावशाली 1 हजार हिंदुओं की तैयार होगी सूची, सतयुग से होगी शुरुआत,जानें- क्या है खास

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नातन के वैभव को दुनिया को बताने के लिए हिंदू समाज के प्रभावशाली लोगों की सूची तैयार की जा रही है। पहली सूची में सनातन धर्म के एक हजार प्रभावशाली लोगों को शामिल किया जाएगा। प्राचीन काल से वर्तमान तक के सभी प्रभावशाली सनातनी हिंदू इस सूची में होंगे। अखिल भारतीय संत समिति अक्तूबर 2025 में होने वाली संस्कृति संसद में इस सूची को सार्वजनिक करेगी।

अखिल भारतीय संत समिति ने इसके लिए देश भर में शोध आरंभ कर दिया है। पहले चरण में 500 मृत और 500 जीवित हिंदुओं को शामिल किया गया है। संत समिति को हर साल इसे वैश्विक स्तर पर जारी किया जाएगा। इसमें देश ही नहीं विदेश में रहने वाले हिंदू समाज के प्रभावशाली लोगों को भी शामिल किया जाएगा।

 

सूची में हिंदू वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, लेखक के साथ ही समाज पर विशेष प्रभाव डालने वाले लोगों को शामिल किया जाएगा। इस सूची में महाभारत के रचयिता वेदव्यास, रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि, पंतजलि, आर्यभट्ट, वराहमिहिर के साथ ही गोस्वामी तुलसीदास, संत कबीर और गंगा विज्ञानी प्रो. जीडी अग्रवाल का भी नाम शामिल है। सूची पर अंतिम मुहर सितंबर माह में लगेगी।

19वीं सदी के प्रभावशाली हिंदू
राजा राममोहन राय, स्वामी दयानंद सरस्वती, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, श्री अरबिंदो, महात्मा गांधी, विनोबा भावे, रबींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चटर्जी, प्रफुल्ल चंद्र रे, जगदीश चंद्र बोस, श्रीनिवास रामानुजन, सत्येंद्र नाथ बोस, मेघनाद साहा, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, डॉ. बीआर आंबेडकर के नाम प्रमुख हैं।

 

क्या बोले संत

हिंदू समाज के गौरवशाली इतिहास और सामर्थ्य को विश्व स्तर पर बताने के लिए यह सूची तैयार कराई जा रही है। हिंदू समाज का देश ही नहीं दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान है। इस सूची के जरिये हम अपने योगदान को पूरे विश्व को बताएंगे कि हमने दुनिया को क्या दिया है? -स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती, महामंत्री, अखिल भारतीय संत समिति

प्राचीन काल के प्रभावशाली हिंदू
महाभारत के रचयिता वेदव्यास, रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि, योग सूत्र के प्रवर्तक पतंजलि, सांख्य दर्शन के प्रवर्तक कपिलमुनि, न्यास दर्शन के गौतम, एटामिक थ्योरी के दार्शनिक कन्नडा, मीमांसा के जैमिनी, आदि शंकराचार्य, तमिल दार्शनिक थिरुवल्लूअर, पाणिनी, आर्यभट्ट, वराहमिहिर, भास्कर, चरक, सुश्रूत आदि का नाम शामिल किया गया है।

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मध्यकाल के प्रभावशाली संत
रामानुजाचार्य, माधवाचार्य, बसवन्ना, चैतन्य महाप्रभु, मीरा वाई, गोस्वामी तुलसीदास, संत कबीर, नामदेव, संत एकनाथ, संत ज्ञानेश्वर शामिल हैं।

आजादी के बाद के प्रभावशाली हिंदू
सीवी रमन, होमी जहांगीर भाभा, विक्रम साराभाई, हरगोविंद खुराना, सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, सीएनआर राव, जयंत नलीकर, मंजुला भार्गव, सबीर भाटिया, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. कर्ण सिंह, आशीष नांदी, राजीव मल्होत्रा, देवदत्त पटनायक शामिल हैं।


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