अगर आप सोच रहे हैं कि मशरूम की खेती से कितनी कमाई हो सकती है, तो सुंदरनगर के अंकित कुमार की कहानी आपको जरूर चौंकाएगी। कभी सिर्फ 200 बैग से शुरू हुआ उनका छोटा-सा कारोबार आज करीब 7 हजार बैग तक पहुंच गया है। अब वह हर महीने करीब 20 क्विंटल मशरूम मंडियों में बेच रहे हैं और खर्च निकालने के बाद करीब डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह की आय होने की बात बताते हैं।
अंकित की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने नौकरी के पीछे भागने के बजाय मशरूम उत्पादन को अपना रोजगार बनाया। बारहवीं तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पहले एक फार्म पर काम करके इस व्यवसाय को समझा और फिर प्रशिक्षण लेकर खुद का काम शुरू किया।
200 बैग से शुरू हुआ सफर 7 हजार तक पहुंचा
अंकित ने मशरूम उत्पादन शुरू करने से पहले करीब छह से सात महीने एक फार्म पर काम किया। वहां उन्होंने मशरूम तैयार करने से लेकर उसकी देखभाल और उत्पादन की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर से प्रशिक्षण लिया और वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन शुरू किया। शुरुआत में उनके पास सिर्फ 200 बैग थे। धीरे-धीरे अनुभव बढ़ा, उत्पादन बढ़ा और बाजार की समझ विकसित हुई। आज यही कारोबार करीब 7 हजार बैग तक पहुंच गया है।
अंकित की कहानी उन युवाओं के लिए खास है जो रोजगार की तलाश में हैं और खेती को सिर्फ पारंपरिक खेती तक सीमित मानते हैं। अंकित ने मशरूम उत्पादन को अपने लिए रोजगार का मजबूत जरिया बना लिया है। अब उनका अगला लक्ष्य कारोबार को और विस्तार देना है।







