Himachal- किन्नौर में बादल फटा, काचरंग नाले में उफान से मची अफरा-तफरी, पुल और पानी की लाइनें तबाह

जनजातीय जिला किन्नौर एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। निचार खंड के नाथपा उपमहाल स्थित काचरंग नाले में बुधवार तड़के बादल फटने से अचानक भीषण बाढ़ आ गई। सुबह करीब तीन बजे आई इस फ्लैश फ्लड ने क्षेत्र में तबाही मचाई है, जिससे पेयजल व्यवस्था, संपर्क मार्ग और कृषि-बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि इस आपदा में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

 

बाढ़ का तांडव और जनजीवन पर असर
बादल फटने के कारण काचरंग नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिसका तेज बहाव स्थानीय पैदल रास्ते को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर गया। इससे लोगों की आवाजाही बाधित हो गई है। जल शक्ति विभाग की लगभग 100 मीटर लंबी 20 एमएम पेयजल लाइन बह गई, साथ ही दो पेयजल भंडारण टैंक भी क्षतिग्रस्त हो गए। इन नुकसानों के चलते क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

इसके अतिरिक्त, नाले से आए मलबे और तेज बहाव ने खेतों और बहुमूल्य सेब के बगीचों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे किसानों और बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब रास्ता बहाल करने और पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाने की मांग की है।

प्रशासन की कार्रवाई और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही, कार्यवाहक एसडीएम एवं तहसीलदार भावानगर नेहा नेगी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पैदल मार्ग की मरम्मत के लिए खंड विकास अधिकारी को तत्काल निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग की टीम पेयजल लाइनों को दुरुस्त करने के कार्य में जुटी हुई है, ताकि जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल की जा सके। प्रशासन नुकसान का विस्तृत आकलन भी कर रहा है, ताकि प्रभावित लोगों को उचित सहायता प्रदान की जा सके।

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