हल्द्वानी: रोलैक्स का रैकेट, विदेश में बैठ हल्द्वानी में कर रहा हेराफेरी

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साइबर ठगी का नेटवर्क अब शहर की गलियों तक गहराने लगा है। करोड़ों रुपये के डिजिटल खेल में हल्द्वानी के चालू खाते ट्रांजैक्शन टूल बन चुके हैं। विदेश में बैठा ठगी का मास्टरमाइंड रोलैक्स नाम से गिरोह चला रहा है। उसके साथी दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद में हुई साइबर ठगी की रकम घुमाने का काम कर रहे हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हल्द्वानी के कई लोगों ने कमीशन के लालच में अपने खाते गिरोह को किराये पर दिए, जिनसे सवा करोड़ रुपये से अधिक की रकम विभिन्न खातों में सर्कुलेट की गई।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह 29 मई 2025 को बनभूलपुरा थाने में दर्ज क्रिप्टोकरेंसी के एक मुकदमा के बाद सामने आया। मई के आखिरी सप्ताह में नोएडा पुलिस ने बनभूलपुरा निवासी बेकरी कर्मी रमेश चंद्र को पकड़ा। उसके चालू खाते से 1.20 करोड़ रुपये की निकासी ने उसे पुलिस की नजर में ला दिया। यह रकम नोएडा के कई खातों से साइबर क्राइम के जरिए इसके खाते में डाली गई थी।

 

पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो रमेश टूट गया। रमेश ने बताया कि उसे हर ट्रांजेक्शन के 10 से 25 हजार रुपये दिए जाते थे। गिरोह के सदस्यों ने उसकी फर्जी फर्म भी बनवाई और उद्यम विभाग से सर्टिफिकेट तक ले लिया। बाद में रमेश प्रतिवादी से वादी बना और उसकी तहरीर पर गिरोह के 12 सदस्य हल्द्वानी निवासी साजिद, अनस, हसनान, कैफ, रमीज, करन अरोड़ा, उसका भाई प्रियांशु, सिकंदर हुसैन व उसका भाई युसूफ, वाजिद, मोनिस, नितिन अटवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। करन अरोड़ा एमबीपीजी कॉलेज के छात्रसंघ का पूर्व उप सचिव था ऐसे में यह प्रकरण तेजी से उछला। बताया जा रहा है कि गिरोह का सरगना प्रियांशु करन का ही भाई है जो उस समय दुबई से गैंग संचालित कर रहा था। हालांकि मामले की विवेचना अभी जारी है।

मामले के ठंडा होने के बाद कई अन्य लोग भी गिरोह से जुड़े और चालू खाते खुलवाते चले गए। इस दौरान सरगना प्रियांशु भी दुबई से कंबोडिया शिफ्ट हो गया और रोलैक्स के नाम से गिरोह चलाने लगा। उसने फिर साइबर ठगी से ऐंठी रकम को चालू खातों में सर्कूलेट करना शुरू कर दिया। फरीदाबाद में हुई ठगी में उसका नाम फिर सामने आया। वहां की पुलिस ने हल्द्वानी में दबिश देकर दो लोगों को उठाया है।

10 से 20 फीसदी कमीशन में किराये पर लेते थे खाता
बीते सात दिनों में हरियाणा और दिल्ली की पुलिस ने बनभूलपुरा से पांच लोगों को पकड़ा है। ठगी के रुपये जिनमें ट्रांसफर हुए, उनका संचालन ये पांचों ही करते थे। इसके बदले वह कुल रकम का कहीं 10 प्रतिशत तो कहीं 20 प्रतिशत तक चालू खाता धारक को देते थे। पुलिस की माने तो गिरोह के सदस्य चालू खाता धारक के एकाउंट की पूरी डिटेल, खाता संचालन का अधिकारी और डेबिट तक अपने पास रखते थे।

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हरियाणा पुलिस की दबिश, दो युवक गिरफ्तार
हल्द्वानी। अक्तूबर में हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर क्राइम हुआ। कई खातों से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये एक से दूसरे खाते में भेजे गए। इसमें लेनदेन का पहला खाता हल्द्वानी के बनभूलपुरा का निकल गया। जांच के बाद फरीदाबाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को दबिश देकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से दो युवकों अयाज निवासी गली नंबर पांच आजाद नगर और आरिश उर्फ पहलवान निवासी लाइन नंबर तीन आजाद नगर को पकड़ा। इनके खिलाफ फरीदाबाद में बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338, 340, 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज है।

हल्द्वानी पुलिस भी साइबर फ्रॉड पर शहर में अपने स्तर पर जांच करेगी। बाहरी राज्यों की पुलिस लगातार दबिश देकर साइबर क्राइम से जुड़े युवकों को पकड़ रही है। ऐसे में यहां इसकी जड़ तलाशना जरूरी है। बड़े पैमाने पर लोग साइबर क्राइम से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश करेगी। – मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी


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