हल्द्वानी:-पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल व पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने किया उत्तरायणी कौतिक का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ।

Spread the love

हल्द्वानी:-पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल व पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने किया उत्तरायणी कौतिक का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ।

माँ सूर्या देवी साँस्कृतिक मंच द्वारा इम्पीरियम स्कूल दौलतपुर, गौलापार हल्द्वानी में आयोजित उत्तरायणी कौतिक का पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। उत्तरायणी कौतिक में लोक गायिका माया उपाध्याय और लोकगायक जगदीश कांडपाल ने पहाड़ी गानों से सभी को खूब झुमाया, कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चो ने भी धार्मिक झाकियों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आयोजक समिति ने अतिथियो द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय पर्व, त्योहारों का संबंध नक्षत्रों, राशियों के अलावा ऋतु परिवर्तन, परंपराओं और लोक संस्कृति से भी है हमारे आध्यात्मिक, पौराणिक ग्रंथों में इनका विस्तार से वर्णन किया गया है, दान पुण्य और धर्म के कार्यों का भी इन पर्व , त्योहारों के साथ गहरा संबंध रहा है। मकर संक्रांति जहां संस्कृति, समाज और ज्योतिष से जुड़ा पर्व है वही यह विज्ञान और सूर्य से भी उतना ही जुड़ा हुआ है। इससे जुड़े तमाम तथ्य कथ्य सदियों से प्रचलित रहे है। यह पर्व परिवर्तन के एक प्रमुख पड़ाव के रूप में भी प्रतिष्ठित है।
मकर संक्रांति के साथ सूर्य का संदर्भ बहुत मजबूती से जुड़ा है, शास्त्रों में सूर्य के तेज, ओज और प्रकाश को लेकर अनेक प्रतिबिंब खींचे गए हैं, अथर्ववेद में कहा गया है जैसे सूर्य प्रकाशमान है, तेज से भरा हुआ है, उसी प्रकार भगवान भास्कर मुझे भी तेज प्रदान करें, एक दूसरे बिंब के अनुसार महाराज सूर्य दक्षिण दिशा को जीतकर, वहां विद्यमान अंधकार और शीत जैसे शत्रुओं का दमन कर अब अपने महान देश भारत को प्रस्थान कर रहे हैं। भारत में उनके इस तेजस्वी रूप की हर जगह जय जयकार हो रही है, इस महान पर्व पर प्रत्येक व्यक्ति को सूर्य की तरह अपने जीवन को भी आगे बढ़ाना चाहिए, तब उसकी भी वैसे ही जय जयकार होती है जैसे सूर्य की।
जिस प्रकार सूर्य नारायण अंधकार एवं शीत से पार पाकर संसार को ठिठुरन और तमस से मुक्त करते हैं, वैसे ही हमें भी अपने अंतरआत्मा रूपी सूर्य से तमस, विकार और विषयों को दूर करके जीवन को प्रकाश से भर देना चाहिए। मकर संक्रांति का वास्तव में यही संदेश है। इसे आत्मसात करते हुए प्रकृति में आ रहे परिवर्तन से तादात्मय में स्थापित कर हम अपने जीवन को सार्थक बनाने में सफल हो सकते हैं। कार्यक्रम आयोजकों द्वारा पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को शाल ओड़ाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान नीरज रैकवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य धर्मेंद्र रैकवार, प्रधानाचार्य राधा सेठानी, प्रबंधक करणवीर सिंह गंगोला, फाउंडर गोपाल सिंह गंगोला, लबु क्वैरली, अर्जुन बिष्ट, खजान पांडे, गजेंद्र बिष्ट, महीपाल रैकवार, करण रैकवार, रोहित चौरसिया, यस गंगोला, गोपाल सिंह नेगी, वरिष्ठ समाजसेवी बच्ची सिंह रैकवार, नारायण सिंह पछवादी, सुनील पछवादी, तारा सिंह पछवादी, लालू रैकवार, नरेंद्र वीरा समेत सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित थे।

और पढ़े  चमोली- आंचल के सिर सजा फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 का ताज

Spread the love
  • Related Posts

    चमोली- आंचल के सिर सजा फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 का ताज

    Spread the love

    Spread the loveचमोली जिले के किरुली गांव निवासी आंचल फरस्वाण फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड चुनी गई हैं। वह मुंबई में होने वाले फेमिना मिस इंडिया में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी।…


    Spread the love

    देहरादून: 10 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न में 65 साल का आटा चक्की संचालक गिरफ्तार, मां ने की थी शिकायत

    Spread the love

    Spread the love     सहसपुर कोतवाली क्षेत्र में 65 वर्षीय आटा चक्की (घराट) संचालक को 10 वर्ष की बच्ची से यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया है। शिकायत के…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *