हल्द्वानी में एसीजेएम मीनाक्षी शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में शुक्रवार को रुड़की निवासी मनोज गिरी और उसकी पत्नी ज्योति गोस्वामी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। वर्तमान में दंपती जमानत पर बाहर हैं।
हल्द्वानी के फतेहपुर निवासी रेखा गोस्वामी ने परिवाद दाखिल किया था। रेखा ने कहा कि मिलाप नगर रुड़की निवासी मनोज गिरी और उसकी पत्नी ज्योति गोस्वामी के साथ साझा में हल्द्वानी में बेकरी खोलने के लिए बैंक से दस लाख रुपये लोन लिया। लोन की राशि में से धीरे-धीरे आठ लाख रुपये दंपती ने ले लिए। उधारी मांगने पर मनोज गिरी ने रेखा को आठ लाख का चेक 15 जनवरी 2024 को दिया जो अगले दिन बैंक से बाउंस हो गया। दोनों पक्षों में समझौता नहीं हो सका और मामला कोर्ट पहुंचा। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि इस पैसे से बेकरी का सामान खरीदा है। यह भी कहा कि तीन चेक पार्टनरशिप डीड बनाने के लिए सिक्योरिटी के रूप में दिए थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एसीजेएम की अदालत ने मनोज गिरी और ज्योति गिरी को दोषी मानते हुए छह-छह माह के साधारण कारावास और 9,44,000 रुपये का अर्थदंड का आदेश जारी किया है।








