हल्द्वानी: डेंगू और स्वाइन फ्लू के बाद स्क्रब टाइफस की दस्तक, एसटीएच में 12 मरीज भर्ती

कुमाऊं में डेंगू, स्वाइन फ्लू के बाद अब स्क्रब टाइफस ने भी पैर फैला लिए हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में स्क्रब टाइफस के लक्षण वाले 12 मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा कुछ संदिग्ध मरीजों का भी इलाज चल रहा है। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष और नोडल अधिकारी डॉ. परमजीत सिंह ने बताया कुमाऊं मंडल के अलग-अलग क्षेत्रों से मरीज जांच के लिए एसटीएच पहुंच रहे हैं। इस समय स्क्रब टाइफस के भी रोगी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्क्रब टाइफस के लक्षण भी डेंगू, मलेरिया से मिलते जुलते हैं। वहीं स्वाइन फ्लू के दो मरीज भर्ती हैं।

 

जानलेवा भी हो सकता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस संक्रमित कीड़े के काटने से होता है। यह कीड़ा झाड़ियाें या घास में रहता है। सूक्ष्म जीव के रूप में मनुष्य के दिमाग, किडनी समेत शरीर के किसी भी अंग में असर डालना शुरू कर देता है। इसमें तेज बुखार, सिर और शरीर में दर्द के अलावा खांसी-सांस लेने में दिक्कत, भूख कम और अत्यधिक थकान होती है। समय पर इलाज न कराया तो हृदय, किडनी, दिमाग और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ सकता है और मल्टी आर्गन फेल होने की स्थिति में मरीज की मौत भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि लगातार तेज बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल आकर जांच कराना जरूरी है।

और पढ़े  एसपी हरबंस सिंह ने संभाला एसपी सिटी हल्द्वानी का कार्यभार
  • Related Posts

    जाम से हाहाकार: नैनीताल की बिगाड़ी यातायात व्यवस्था, डायवर्ट रूट से ज्योलीकोट पहुंचे पर्यटकों ने दिया धरना

    तीन दिन की छुट्टी के चलते नैनीताल में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ का असर ज्योलीकोट मार्ग पर भी देखने को मिला। रविवार को ज्योलीकोट में लंबा जाम लगने से पर्यटक…

    उत्तराखंड / चंपावत: युवाओं को सौगात, डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, कुक्कुट पालकों को दो करोड़ की सब्सिडी, जानें..

    राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव पर चर्चा हुई। चुनावी वर्ष में सरकार ने…