हल्द्वानी: ममता की गोद से जुदा कर 6 माह की मासूम को मंदिर में छोड़ा, अंजान ने सीने से लगाकर चुप कराया

मां की ममता से महफूज रहने की उम्र में छह माह की एक मासूम मंदिर के फर्श पर अकेली पड़ी थी। उसकी सिसकियां दीवारों से टकराकर गूंज रही थीं। तभी एक महिला के कानों तक उसकी रुलाई पहुंची। वह दौड़कर बच्ची के पास पहुंची, उसे गोद में उठाया और सीने से लगा लिया। जिस नन्ही जान को न जाने कब से किसी अपने की गोद का इंतजार था, वह अंजान महिला के सीने से लगते ही शांत हो गई। एक पल के लिए ममता ने उसे सहारा दे दिया, लेकिन उसे इस हाल में छोड़ जाने की निर्ममता का सवाल वहीं खड़ा रह गया। नवरात्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले हल्द्वानी के आंबेडकर नगर स्थित मंदिर में मिली मासूम अब शिशु सदन में विशेषज्ञों की निगरानी में है और अपनों का इंतजार कर रही है।

शनिवार को हल्द्वानी कोतवाली के आंबेडकर नगर स्थित मंदिर में छह माह की बच्ची के रोने की आवाज गूंज उठी। एक अंजान महिला ने उसे उठाकर अपने सीने से लगा लिया और चुप कराया। बच्ची को इस तरह अकेला देखकर मंदिर में मौजूद दूसरे लोगों ने भी उसके परिजनों की तलाश शुरू की। उन्हें उम्मीद थी कि शायद कोई आसपास होगा, कोई उसे लेने आ जाएगा, लेकिन काफी देर तक खोजबीन करने के बाद भी जब कोई सामने नहीं आया तब महिला ने पुलिस को सूचना दी। डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्ची काफी देर से मंदिर के फर्श पर पड़ी थी। जिस उम्र में बच्चे को अपनेपन की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस उम्र में उसका इस तरह अकेला मिलना लोगों को भावुक कर गया। नवरात्र मां दुर्गा की आराधना और शक्ति की उपासना का पर्व है। मंदिरों में पूजा की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इसी बीच मंदिर में मिली इस मासूम ने कई सवाल खड़े कर दिए। छह माह की उम्र में बच्चे की दुनिया उसकी देखभाल करने वालों के इर्द-गिर्द ही सिमटी होती है। भूख लगने पर रोना, डर लगने पर किसी का सहारा तलाशना और गोद में सुकून पाना ही उसकी छोटी-सी दुनिया होती है। ऐसे में मंदिर के फर्श पर बच्ची का अकेला मिलना मन को भीतर तक परेशान कर देता है।

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शिशु सदन में अपनों के इंतजार में मासूम

पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही तुरंत बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम को बुलाया। अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तब वह भी हैरान रह गए। बच्ची के शरीर पर बस एक कपड़ा था और कुछ नहीं। टीम ने तुरंत बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा। यहां बच्ची को सर्दी लगने की बात सामने आई लेकिन दवा दे दी गई। इसके बाद बच्ची को शिशु सदन ले जाया गया। यहां विशेषज्ञ टीम की निगरानी में उसे रखा गया है।

 

मंदिर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही सभी अस्पतालों में बीते छह माह में हुए प्रसव का रिकॉर्ड भी देखा जा रहा है। दो टीमें बच्ची को छोड़कर जाने वालों की तलाश में जुटी हैं।-हरबंस सिंह, एसपी सिटी

 

बच्ची एकदम स्वस्थ्य है करीब सात किलोग्राम से अधिक उसका वजन है। शिशु सदन में उसे रखा गया है। उसके बायोलॉजिकल माता-पिता मिलते हैं तब उनसे संपर्क किया जाएगा, नहीं तो अगर कोई परिवार उसे गोद लेने की इच्छा जताता है तो उसे प्रक्रिया पूरी कर गोद दिया जाएगा। फिलहाल उसका पूरा ख्याल और भविष्य में देखरेख का जिम्मा संस्था का होगा।-वर्षा आर्या, जिला प्रोवेशनल अधिकारी, नैनीताल

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