भारत के लिए अच्छी खबर, सातवें एलपीजी टैंकर ग्रीन शान्वी ने होर्मुज को सुरक्षित पार किया

Spread the love

 

श्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए एक और राहत भरी खबर है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन शान्वी 3 अप्रैल 2026 की रात हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जहाज में करीब 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लदा हुआ था। आने वाले दिनों में दो और भारत-ध्वज वाले एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा और जग विक्रम भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना होंगे।

 

सात भारतीय जहाजों ने होर्मुज किया पार

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ग्रीन शान्वी समेत कुल सात भारतीय एलपीजी टैंकर इस संवेदनशील जलमार्ग को पार कर चुके हैं। ग्रीन शान्वी के ट्रांजिट के बाद अब फारस की खाड़ी में कुल 17 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इनमें तीन अन्य एलपीजी टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक एलएनजी टैंकर, एक केमिकल प्रोडक्ट्स टैंकर, तीन कंटेनर शिप, दो बल्क कैरियर और दो जहाज नियमित मरम्मत (मेंटेनेंस) के लिए शामिल हैं।

 

भारत की कूटनीतिक बातचीत का असर

भारत ने अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की है। ईरान ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि जो देश उसके साथ समन्वय बनाए रखते हैं और शत्रु श्रेणी में नहीं आते, उनके जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा था कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की इजाजत दी जा रही है।

होर्मुज क्यों है इतना अहम?

होर्मुज जलडमरूमध्य, जो ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद संकरा लेकिन रणनीतिक समुद्री मार्ग है, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की धुरी माना जाता है। हर दिन दो करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यह मात्रा दुनिया की कुल तेल खपत का करीब पांचवां हिस्सा और समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग चौथाई हिस्सा है। दुनिया की बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की ढुलाई भी इसी रास्ते से होती है।

ऐसे में अगर इस मार्ग में थोड़ी देर के लिए भी बाधा आती है, तो उसका असर केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वित्तीय बाजारों, वैश्विक सप्लाई चेन और आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट तक महसूस किया जाता है। यही वजह है कि होर्मुज में मौजूदा संकट को लेकर दुनिया भर की निगाहें अमेरिका, ईरान और ऊर्जा बाजारों पर टिकी हुई हैं।

और पढ़े  चेतावनी-: दूषित पेयजल से बच्चों में कैंसर का जोखिम ज्यादा, DNA को ऐसे नुकसान पहुंचा रहा पानी में घुला NDMA

Spread the love
  • Related Posts

    विधानसभा चुनाव नतीजे- बंगाल में BJP दोहरे शतक के करीब, तमिलनाडु में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी

    Spread the love

    Spread the loveदेश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है। रुझानों में बंगाल में भाजपा ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही…


    Spread the love

    कैसे जीता BJP ने आखिर बंगाल?: अमित शाह का मिशन 15 दिन, रात 2 बजे तक बैठकें, पढ़ें ‘चाणक्य’ की पूरी…

    Spread the love

    Spread the loveपिछले एक दशक में अमित शाह भाजपा के लिए सबसे सफल चुनावी रणनीतिकार के रूप में साबित हुए हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के लिए…


    Spread the love