Garhwal: सीडीएस जनरल अनिल चौहान आज पहली बार पैतृक गांव गवाणा में

सीडीएस जनरल अनिल चौहान आज अपने पैतृक गांव गवाणा पहुंचे हैं। यह उनका गांव में पहला आगमन है। उनके आगमन को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है। गांव के लोग बेसब्री से उनका इंतजार करते दिखे।

शुक्रवार को पैतृक गांव गवाणा पहुंचने पर सीडीएस जनरल अनिल चौहान को लोगों ने भव्य स्वागत किया। गवाणा में वह पूजन समारोह में शामिल हुए। साथ ही देवलगढ़ स्थित सिद्धपीठ राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की।

सीमांत गांव के लोग और सेना एक दूसरे के पूरक : चौहान
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने इससे पहले बृहस्पतिवार को माणा और हर्षिल में सेना की ओर से तैयार किए जा रहे सांस्कृतिक एवं विरासत संग्रहालय का शिलान्यास किया। इन संग्रहालयों का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है।

सीडीएस ने कहा कि यह संग्रहालय आधुनिक और जीवंत केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां गढ़वाल की सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक परंपराएं और ऐतिहासिक विकास के साथ गढ़वाल क्षेत्र के लोगों के भारतीय सशस्त्र बलों में दिए महत्वपूर्ण योगदान को भी दर्शाया जाएगा। भारत के प्रथम गांव माणा में संग्रहालय बनाने का उद्देश्य भावी पीढ़ी के लिए शानदार विरासत को संरक्षित करना है।

वहीं उत्तरकाशी के हर्षिल में भी सीडीएस ने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत हर्षिल सांस्कृतिक एवं विरासत केंद्र का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों को गंगोत्री, हर्षिल और गढ़वाल क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास की जानकारी भी मिलेगी। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर कहा कि सीमांत गांव के लोग और सेना एक दूसरे के पूरक हैं। देश की सुरक्षा के साथ ही इन इलाकों के विकास के लिए दोनों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखवा गांव में पूजा की।

और पढ़े  देहरादून: CM ने आयुष व ईएसआई के 332 नव नियुक्त कर्मियों को दिए नियुक्ति पत्र, कहा-समर्पण के साथ काम करें
  • Related Posts

    नैनीताल: पोषण की कम़ी से नहीं बढ़ रही नौनिहालों की लंबाई, आंगनबाड़ी के बच्चों की लंबाई-वजन पर चिंता

    नैनीताल जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के शारीरिक विकास के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त की पोषण ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, पांच वर्ष तक के 44,224 बच्चों की…

    चमोली: हेमकुंड साहिब के बाद शीतकाल के लिए बंद हुए लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट, हुई बर्फबारी

    हेमकुंड साहिब के बाद आज नवरात्रि के पावन अवसर पर लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाली के लिए बंद हो गए हैं। सुबह 7.15 मिनट पर मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ…