गैंगस्टर विक्रम हत्याकांड-: पहले जमशेदपुर फिर नोएडा में विक्रम को मारने की थी योजना, आरोपियों ने किए खुलासे

दमाशों ने पहले जमशेदपुर और नोएडा में विक्रम को मारने की साजिश रची थी पर सफल नहीं हो पाए। जमशेदपुर में विक्रम का खासा रसूख था और हर समय उसके साथ 10-15 लोग चलते थे। इस कारण वहां उसकी हत्या करना मुश्किल था। इसके बाद नोएडा में विक्रम को मारने का षडयंत्र रचा था।

 

बदमाशों को विक्रम के नोएडा आने-जाने की जानकारी थी लेकिन वह कब नोएडा जाता था इसकी सही जानकारी न मिल पाने के कारण वहां भी हत्या को अंजाम नहीं दिया जा सका। इसके बाद बदमाशों ने दून में हत्या करने की साजिश रची। इस काम के लिए उन्हें एक ऐसे शख्स की जरुरत थी जो लंबे समय तक रैकी कर सके। जमशेदपुर का रहने वाला अंकित कई गैंग के लिए पहले रैकियां कर चुका था। लिहाजा उन्होंने अंकित को ही रैकी का जिम्मा सौंपा ताकि विक्रम की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ऐसे में अंकित को नोएडा में 26 हजार रुपये प्रति माह किराये पर एक फ्लैट दिलाया गया। वहां से बार-बार देहरादून आकर अंकित विक्रम पर नजर रखने लगा।

 

अंकित को पता चला कि विक्रम सिल्वर सिटी स्थित जिम में आता है। अपने काम को सटीकता से अंजाम देने के लिए अंकित ने इस जिम की भी सदस्यता ले ली। बीते तीन महीने से अंकित जिम आता था। हत्याकांड के साजिशकर्ता जमशेदपुर में बैठकर एक सटीक सूचना का इंतजार कर रहे थे। शूटरों को 12 फरवरी को ही हरिद्वार पहुंचा दिया गया था। अगले दिन यानी 13 फरवरी के लिए सभी की पूरी तैयारी थी।

अंकित ने विक्रम के जिम पहुंचते ही आशुतोष को सूचना दे दी। विक्रम यहां एक से डेढ़ घंटे तक एक्सराइज करता था। कमोबेश इतना ही समय हरिद्वार से देहरादून पहुंचने में लगता है। विक्रम के निकलने से पहले ही आशुतोष और विशाल सीढियों पर घात लगाकर खड़े हो गए। जैसे ही विक्रम जिम से बाहर निकला और सीढि़यां उतरने लगा उसके सिर पर नजदीक से कई गोलियां मार दीं।

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हाल में चर्चित रहे एक निजी विवि का छात्र भी आरोपी
इस हत्याकांड में हाल ही में चर्चित रहे नोएडा के एक निजी विश्वविद्यालय का छात्र मोहित उर्फ अक्षत भी आरोपी है। पूछताछ में मोहित ने बताया कि वह बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है तथा वर्तमान में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एल्फा- 2 अपार्टमेंट में अपने दो अन्य साथियों के साथ रह रहा है। कुछ वर्ष पूर्व उसके मामा विकास महतो ने उसकी मुलाकात आशुतोष से कराई थी। आशुतोष के माध्यम से लगभग चार साल पहले वह विशाल सिंह और अंकित से मिला था। आशुतोष और विशाल ने ही विक्रम पर गोली चलाई।

जेल में विक्रम के गुर्गों से विशाल की हुई थी लड़ाई
लगभग दो साल पहले पूर्व टाटा नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में एक व्यक्ति पर हुए जानलेवा हमले की घटना में आशुतोष जेल गया था। कुछ समय बाद अमन सिंह के कहने पर विशाल ने अमरनाथ नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस मामले में विशाल जेल चला गया था। जेल में विशाल का विक्रम शर्मा के एक करीबी से विवाद हो गया था, इसके चलते विक्रम शर्मा ने जेल में बंद अपने गुर्गों के माध्यम से विशाल को काफी परेशान किया गया था। इस संबंध में विशाल ने जेल से बाहर आकर आशुतोष को बताया था। इसी के बाद विशाल और आशुतोष दोनों ने विक्रम को मारने की साजिश रची थी।

 

अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता था आशुतोष
आशुतोष पूर्व में भी आपराधिक घटनाओं में जेल गया था और अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता था। विक्रम का अपराध की दुनिया में काफी वर्चस्व था और उसकी हत्या कर वह अपराध की दुनिया में अपनी धाक जमा सकता था। इसके चलते उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश रची।

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विक्रम से परेशान यशराज भी हो गया साजिश में शामिल
आशुतोष सारिका इन्टरप्राइजेज के मालिक यशराज का परिचित था और उसे जानकारी थी कि यशराज भी विक्रम शर्मा से काफी परेशान चल रहा है। यशराज की कंपनी सारिका इन्टरप्राइजेज का रेलवे में खाद्य आपूर्ति का ठेका था और विक्रम शर्मा भी वह ठेका हासिल करना चाहता था। विक्रम शर्मा ने पूर्व में भी यशराज से रंगदारी मांगी थी। इसके चलते आशुतोष ने विक्रम को मारने की अपनी योजना के संबंध में यशराज को जानकारी दी। इस पर यशराज ने विक्रम शर्मा की हत्या में उसे सहयोग करने की बात कही।

मोहित ने की रुकने और खाने-पीने की व्यवस्था
हत्या के बाद आशुतोष, विशाल अपने एक अन्य साथी आकाश के साथ पहले हरिद्वार से रेंट पर ली गई बाइक व स्कूटी से हरिद्वार पहुंचे और उसके बाद यशराज की स्कार्पियो से घटना के दिन ही नोएडा स्थित मोहित के फ्लैट में पहुंचे। मोहित के घटना के दिन देहरादून में होने के कारण उनके द्वारा उससे फोन पर संपर्क कर स्कार्पियो वाहन को पार्किंग में खड़ा करवाने की बात कही। अगले दिन मोहित के वापस नोएडा पहुंचने पर अभियुक्तों ने उसे देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या करने की बात बताते हुए स्कार्पियो को उसी के पास छोड़ दिया और वहां से अलग-अलग स्थानों को चले गये। इस दौरान आरोपियों के रुकने तथा उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था मोहित उर्फ अक्षत ने की थी।

ये आरोपी हैं फरार
1- अंकित वर्मा निवासी टंगरा जिला जमशेदपुर झारखंड
2- आशुतोष सिंह निवासी जमशेदपुर झारखंड
3- विशाल सिंह निवासी गराबासा बागबेड़ा जमशेदपुर झारखंड
4- आकाश कुमार प्रसाद निवासी बागबेड़ा जमशेदपुर झारखंड
5- यशराज निवासी जमशेदपुर झारखंड
6- जितेंद्र कुमार साहू निवासी पूर्वी सिंहभूम झारखंड

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