भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आ रहे हैं। वह अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली फ्रांस यात्रा के बाद हो रहा है। मैक्रों का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति मैक्रों 16 फरवरी की देर रात करीब 11:30 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। उनके दौरे के आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत 17 फरवरी से होगी। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
मुंबई और दिल्ली में कई कार्यक्रम
17 फरवरी को राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई समझौतों का आदान-प्रदान होगा और एक संयुक्त बयान भी जारी किया जाएगा। शाम को वह होटल ताज महल पैलेस में भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद रात में गेटवे ऑफ इंडिया पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
अगले दिन 18 और 19 फरवरी को राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। यहां वह एआई इम्पैक्ट समिट के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा, वह कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक और वर्किंग लंच में भी हिस्सा लेंगे। 19 फरवरी को दोपहर 3:45 पर वह फ्रांस के लिए रवाना हो जाएंगे।
एआई समिट और इनोवेशन पर जोर
इस दौरे का बड़ा आकर्षण नई दिल्ली में आयोजित हो रहा एआई इम्पैक्ट समिट है। यह ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला एआई समिट है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। भारत सरकार का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) देश के विकास, शासन और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इस दौरे के दौरान दोनों नेता ‘भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’ का भी उद्घाटन करेंगे, जिसे 2026 तक मनाया जाएगा। दोनों देशों के बीच होराइजन 2047 रोडमैप के तहत सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की जाएगी।






