उत्तराखंड: राज्य में 331 हेक्टेयर में वन संपदा को हुआ नुकसान, कई वन प्रभाग बेहद संवेदनशील बने हुए

Spread the love

राज्य में वनाग्नि की घटनाओं में सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान हो चुका है। कई वन प्रभाग बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। जबकि फायर सीजन समाप्त होने में कई दिन बाकी हैं। प्रदेश में वनाग्नि की घटनाओं में गढ़वाल रीजन में 285 घटनाएं हुई हैं, इसमें 241 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा को क्षति पहुंची है।

कुमाऊं रीजन के अंतर्गत आने वाले जंगल में तुलनात्मक तौर पर घटनाएं कम हैं, यहां पर 74 जंगल की आग की घटना वन विभाग ने रिपोर्ट की हैं, जिनमें 64 हेक्टेयर में क्षति हुई है। वन्यजीव क्षेत्र में 35 घटनाओं में 25 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वनाग्नि से जैव विविधता प्रभावित हुई है। अभी भी फायर सीजन को खत्म होने में (15 जून) में कई दिन बाकी हैं। वन विभाग जंगल की आग पर नियंत्रण के लिए आसमान की ओर आंखें लगाए हुआ है।

 

इस संबंध में मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि वनाग्नि को लेकर बदरीनाथ, पिथौरागढ़, पौड़ी, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग अधिक संवेदनशील बने हुए हैं। जंगल की आग लगने की सूचना के बाद तत्काल बुझाने का काम टीम कर रही हैं। मौसम विभाग का आने वाले कुछ दिनों में बारिश का पूर्वानुमान बताया है। बारिश होने से काफी राहत हो जाएगी।


Spread the love
और पढ़े  देहरादून- BJP ने जारी की 18 विभागों के सयोंजकों की सूची, देखें किसे मिली किस विभाग की जिम्मेदारी
  • Related Posts

    कुदरत का कहर: उत्तराखंड में 91 सड़कें बंद, कश्मीर में क्लाउडबर्स्ट, हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट

    Spread the love

    Spread the love उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य इस समय मानसून और प्राकृतिक आपदाओं की दोहरी मार झेल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (घाटी) में भारी बारिश, भूस्खलन…


    Spread the love

    उत्तराखंड: राहुल गांधी के दौरे पर CM धामी ने कसा तंज, कहा- चुनाव के समय लगा रहता है आना-जाना

    Spread the love

    Spread the loveवरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चुनाव के समय आना जाना लगा रहा है। उन्होंने यह…


    Spread the love