रामनगरी में तंबाकू उत्पादों की अनियंत्रित बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बरतने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को नगर निगम सभागार में आयोजित जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ व नगर निगम की संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में अयोध्या को मथुरा और सीकर की तर्ज पर प्रदेश का दूसरा मॉडल जिला बनाने का निर्णय लिए गया। बिना लाइसेंस के तंबाकू बेचते पकड़े जाने पर विक्रेताओं को 10 हजार रुपये तक जुर्माना देना होगा।
कार्यशाला में लखनऊ से आए क्षेत्रीय समन्वयक (यूपीवीएचए) सुरजीत सिंह ने कहा कि अयोध्या को प्रदेश का दूसरा मॉडल जिला बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटोरिया ने कहा कि तंबाकू वेंडर लाइसेंसिंग की प्रक्रिया एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके तहत 31 मार्च तक जिले के सभी तंबाकू विक्रेताओं के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे दुकानदारों की संख्या नियंत्रित होगी और नाबालिगों तक तंबाकू की पहुंच को भी रोका जा सकेगा। कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने सभी जोनल अधिकारियों को 10 मार्च तक अपने-अपने क्षेत्रों के दुकानदारों की सर्वे सूची और फॉर्म जमा करना सुनिश्चित करने के लिए कहा। इस मौके पर जिला नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कुमार शुक्ला, अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव, अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ सहित कई लोग मौजूद रहे।
16 मार्च को निगम की बोर्ड बैठक में होगी समीक्षा
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि 16 मार्च को होने वाली नगर निगम की बोर्ड बैठक में अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहने को कहा गया है। यदि कार्य में शिथिलता पाई गई तो जवाबदेही तय होगी।
148 विक्रेताओं की सूची तैयार, जोनल अधिकारी जारी करेंगे लाइसेंस
अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने कहा कि अब तक 148 तंबाकू विक्रेताओं की सूची तैयार कर ली गई है और शेष का सर्वे चल रहा है। सर्वे के बाद लाइसेंस जारी करने की जिम्मेदारी संबंधित जोनल अधिकारियों की होगी। कहा कि तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। शहर के प्रमुख चौराहों व सार्वजनिक स्थानों पर लगे स्पीकर्स के माध्यम से लोगों को तंबाकू से होने वाली बीमारियों के प्रति सचेत किया जाएगा।








