हर दिन आधार से 9 करोड़ वेरिफिकेशन, जालसाजी से बचने में मददगार एआई, CII के सत्र से जानें क्या निकला

Spread the love

भारत का वित्तीय सेवा क्षेत्र एक बड़े संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अब बात केवल ‘डिजिटल पेमेंट’ की नहीं, बल्कि ‘इंटेलिजेंट ऑटोमेशन’ की है। इंडिया एआई इम्पैक्सट समिट के दौरान आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई के एक महत्वपूर्ण सत्र में यह बात साफ हो गई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब भारतीय फिनटेक इकोसिस्टम की रीढ़ बन रहा है।

इस बदलाव का केंद्र केवल दक्षता बढ़ाना नहीं, बल्कि उन बाजारों तक पहुंच बनाना है जो अब तक बैंकिंग सेवाओं से अछूते थे। सत्र में नीति निर्माताओं और उद्योग के दिग्गजों ने माना कि एआई वित्तीय समावेशन के नए दरवाजे खोल रहा है, लेकिन इसके साथ ही जोखिम प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।

नौ करोड़ आधार वेरिफिकेशन और एआई का सुरक्षा चक्र
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो आधार  सबसे बड़ा स्तंभ है। सत्र के दौरान, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के उप महानिदेशक विवेक चंद्र वर्मा ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा करते हुए कहा, “आधार हर दिन नौ करोड़ प्रमाणीकरण करता है”। वर्मा ने बताया कि जब देश की लगभग 100% वयस्क आबादी आधार से जुड़ी हो और लेनदेन की मात्रा इतनी विशाल हो, तो फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट अनिवार्य हो जाता है।

उन्होंने कहा, “यूआईडीएआई में नामांकन, अपडेशन और प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए एआई और एडवांस्ड एनालिटिक्स पहले से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं”। भविष्य के एआई मॉडल इस टेक स्टैक को और अधिक मजबूत और ‘कस्टमर-सेंट्रिक’ बनाएंगे।

कॉरपोरेट का नजरिया- दक्षता और नए समाधान जरूरी
केपीएमजी के अतुल गुप्ता की ओर से संचालित इस सत्र में निजी क्षेत्र ने एआई के व्यावहारिक उपयोग पर जोर दिया। उद्योग के नेताओं ने बताया कि कैसे तकनीक पारंपरिक बाधाओं को तोड़ रही है। हीरो फिनकॉर्प के साजिन मंगलथु ने बताया कि कंपनियां परिचालन दक्षता बढ़ाने और जोखिम मूल्यांकन ढांचे को मजबूत करने के लिए एआई का लाभ उठा रही हैं।

और पढ़े  PM मोदी बोले- जनहित के लिए हो AI का उपयोग- PM ने बताया शिखर सम्मेलन का उद्देश्य

इनसॉल्यूशन्स ग्लोबल की एमडी एडेलिया कैस्टेलिनो ने कहा कि केवाईसी और यूपीआई से जुड़ी तकनीकी प्रगति ने ऐसे समाधान विकसित करना संभव बना दिया है जो पहले व्यवहार्य नहीं थे। पॉलिसीबाजार के सीटीओ सौरभ तिवारी के अनुसार देश में तकनीकी विकास ने उनकी फर्म को ग्राहक-केंद्रित समाधानों को अपनाने और सेवाओं को बड़े पैमाने पर स्केल करने की अनुमति दी है। एआई का सबसे बड़ा प्रभाव ‘अंडरसर्व्ड मार्केट’ यानी उन ग्राहकों तक पहुंच बनाने में है जो पारंपरिक बैंकिंग से दूर थे।

टू बैलेंस के सीओओ सौम्यजीत घोष ने बताया कि एआई-सक्षम फीचर्स इन नए बाजारों तक पहुंचने के अवसर पैदा कर रहे हैं। हालांकि, इस विस्तार के साथ जोखिम भी हैं। मास्टरकार्ड के अभिषेक लाहिड़ी ने कहा कि एआई सेवा प्रदाताओं और उपयोगकर्ताओं दोनों के सामने आने वाले जोखिमों को संबोधित करने में मदद कर रहा है। चर्चा में ‘एआई एकाग्रता जोखिम’, आपूर्ति  शृंखला की निर्भरता और विनियमन बनाम नवाचार के बीच संतुलन पर भी गंभीर मंथन हुआ।

भारत का फिनटेक सेक्टर अब परिपक्वता के अगले चरण में
16 फरवरी, 2026 को आयोजित इस सत्र के दौरान वक्ताओं ने माना कि भारत का फिनटेक सेक्टर अब परिपक्वता के अगले चरण में है। आधार जैसे विशाल डेटाबेस की सुरक्षा से लेकर अंतिम ग्राहक तक ऋण पहुंचाने तक, एआई अब एक विकल्प नहीं बल्कि जरूरत है। चुनौती अब केवल तकनीक अपनाने की नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और विनियमित एआई गवर्नेंस ढांचा तैयार करने की है।


Spread the love
  • Related Posts

    PM मोदी बोले- जनहित के लिए हो AI का उपयोग- PM ने बताया शिखर सम्मेलन का उद्देश्य

    Spread the love

    Spread the loveदिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य यह पता लगाना है…


    Spread the love

    Accident: रील बनाने के लिए नाबालिग ने स्कॉर्पियो दौड़ाई, बाइक सवार की ली जान, मां ने लगाई इंसाफ की गुहार

    Spread the love

    Spread the loveदिल्ली के द्वारका साउथ थाना क्षेत्र में बीती 3 फरवरी 2026 को एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। हादसा द्वाराका इलाके में…


    Spread the love