हरित मोबिलिटी को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जरों की बेंचमार्क कीमतों में बड़ी कटौती की है। इस फैसले से सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में तेजी आने और सब्सिडी बोझ घटने की उम्मीद है।
निजी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि नए बेंचमार्क मार्केट रियलिटी के ज्यादा करीब हैं। इससे निजी कंपनियों को चार्जिंग नेटवर्क में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और सरकारी सब्सिडी पर अत्यधिक निर्भरता भी घटेगी।
निष्कर्ष: चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति
ईवी चार्जरों की बेंचमार्क कीमतों में की गई यह कटौती न सिर्फ सरकार के लिए सब्सिडी प्रबंधन आसान बनाएगी, बल्कि भारत में हरित मोबिलिटी और EV अपनाने की रफ्तार को भी नई ऊर्जा दे सकती है।








