डोनाल्ड ट्रंप: राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप के ताबड़तोड़ फैसले, जानें किन कार्यकारी आदेशों पर किए हस्ताक्षर

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डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात (भारतीय समयानुसार) अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण की। इसके लिए आयोजित समारोह में दुनिया की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी मौजूद थे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को पदभार संभालने के पहले ही दिन कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इसमें पेरिस जलवायु समझौता और विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमेरिका को बाहर लाना, प्रतिबंध से बचने के लिए टिकटॉक को 75 दिन का समय देने और क्षमादान शक्तियों का उपयोग समेत कई फैसले शामिल हैं।

इससे पहले ट्रंप ने सोमवार रात (भारतीय समयानुसार) अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण की। इसके लिए आयोजित समारोह में दुनिया की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी मौजूद थे।

मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चैन, अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस और उनकी मंगेतर लॉरेन सांचेज, साथ ही गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और ट्रंप के सबसे करीबी सलाहकारों में से एक एलन मस्क भी समारोह में मौजूद थे। एपल के सीईओ टिम कुक और टिकटॉक के सीईओ शोउ ज़ी च्यू भी समारोह में मौजूद थे। आइए विस्तार से जानते हैं…

 

सबसे पहले जानते हैं क्षमादान के बारे में
ट्रंप ने पदभार संभालने के पहले ही दिन अपनी व्यापक क्षमादान शक्तियों का इस्तेमाल किया और अमेरिकी न्याय विभाग के इतिहास में किसी मामले से जुड़ी सबसे बड़ी जांच और अभियोजन को समाप्त कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह छह जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन परिसर यूएस कैपिटल पर हुए हमले के आरोपियों एवं अपने लगभग 1,500 समर्थकों को क्षमादान दे रहे हैं। ट्रंप का यह कदम अपेक्षित था, क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार अभियान में इसका जिक्र किया था। संसद भवन परिसर पर ट्रंप के समर्थकों के हमले में 100 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण को लेकर आशंका पैदा हो गई थी।

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टिकटॉक के संचालन को 75 दिन बढ़ाया
ट्रंप ने वीडियो साझा करने वाले मंच ‘टिकटॉक’ के संचालन को 75 दिन बढ़ाने संबंधी एक शासकीय आदेश पर सोमवार को हस्ताक्षर किए। अमेरिका में ‘टिकटॉक’ के 17 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। ट्रंप की ओर से हस्ताक्षरित शासकीय आदेश में कहा गया, ‘मैं अटॉर्नी जनरल को निर्देश दे रहा हूं कि आज से 75 दिन की अवधि के लिए टिकटॉक पर प्रतिबंध को लागू करने के लिए कोई कदम न उठाए जाएं ताकि मेरे प्रशासन को उचित प्रस्ताव तैयार करने का अवसर मिले जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा हो साथ ही ऐसे मंच का संचालन अचानक बंद होने से रोका जा सके जिसका इस्तेमाल लाखों अमेरिकी करते हैं।’

 

अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकालेंगे ट्रंप
ट्रंप ने कहा है कि वह एक बार फिर देश को ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकालेंगे। उनकी इस घोषणा से वैश्विक तापमान वृद्धि से निपटने के लिए दुनिया भर के प्रयासों को झटका लगेगा और एक बार फिर अमेरिका अपने सबसे करीबी सहयोगियों से दूर हो जाएगा। ट्रंप के सोमवार को दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने के समय व्हाइट हाउस की यह घोषणा 2017 में ट्रंप की कार्रवाइयों की याद दिलाती है, जब उन्होंने घोषणा की थी कि अमेरिका वैश्विक पेरिस समझौते से बाहर हो जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले पर सीईईडब्ल्यू के सीईओ की टिप्पणी
इस पर डॉ. अरुणाभा घोष, सीईओ, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) ने कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका को पेरिस समझौते से दोबारा अलग करने का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला पूरी तरह से अप्रत्याशित नहीं था। हालांकि, इसने दो तरह की अनिश्चितता पैदा कर दी है। पहला, क्या अमेरिका में सरकारी और कॉर्पोरेट गतिविधियां स्वच्छ तकनीक में निवेश और नवाचार पर और अधिक ध्यान देंगे? दूसरा, उत्सर्जन कटौती में मौजूद अंतर को भरने के लिए अन्य ऐतिहासिक उत्सर्जक किस तरह से आगे आएंगे? क्लाइमेट एक्शन का नेतृत्व करना सभी बड़े ऐतिहासिक उत्सर्जकों की नैतिक और आर्थिक जिम्मेदारी है, न कि इससे पीछे हटना। इस बीच, भारत को प्रौद्योगिकी, निवेश, औद्योगिक विकास, हरित आजीविका और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यधिक लचीलेपन के रणनीतिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए क्लाइमेट एक्शन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर मजबूती से टिके रहना चाहिए। जलवायु जोखिम अब व्यापक आर्थिक जोखिम है – और जलवायु नीति अब औद्योगिक नीति है। एक तरफ जलवायु से संबंधित झटकों के प्रति अनुकूलन, लचीलेपन और बीमा को लेकर सार्थक साझेदारियां करने, और दूसरी तरफ स्वच्छ तकनीक के विकास, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं के विकास और विविधीकरण के अवसर अभी भी मौजूद हैं’।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमेरिका के बाहर निकलने के आदेश पर हस्ताक्षर
ट्रंप ने सोमवार को अपने शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमेरिका के बाहर निकलने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। कोरोना महामारी के वक्त ट्रंप इस संगठन पर काफी हमलावर थे। व्हाइट हाउस में आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के साथ डब्ल्यूएचओ पक्षपात कर रहा है। यहां चीन को तवज्जो दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हमें ठगा है।

 

पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की घोषणा
ट्रंप ने शपथ लेने के तत्काल बाद अमेरिका के पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की घोषणा की। व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर करने जा रहे हैं। ट्रंप ने शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही कैपिटल वन एरिना में कार्यकारी आदेशों के अपने पहले सेट पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान पेरिस जलवायु संधि से हटने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए गए।

 

यूएस में मौत की सजा की फिर होगी शुरुआत
ट्रंप के बड़े कार्यकारी आदेशों में एक मौत की सजा से जुड़ा आदेश भी है। इस आदेश के तहत न्याय विभाग को कहा गया है कि गंभीर संघीय मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों को मौत की सजा की मांग की जाए। साथ ही ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल को निर्देश दिया है कि वे ये सुनिश्चित करें कि सभी राज्यों के पास अपराधियों को मौत की सजा देने के लिए पर्याप्त घातक जहरीले इंजेक्शन हो।

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अमेरिकी लोगों को अब अभिव्यक्ति की आजादी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ लेने के तुरंत बाद ही अमेरिकियों की अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश के तहत सरकारी एजेंसियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाएंगी। आदेश में ट्रंप ने बाइडन सरकार की ओर से ऐसे मामलों में की गई कार्रवाईयों पर अटॉर्नी जनरल से रिपोर्ट मांगी है।

 

90 दिनों के लिए टाली यूक्रेन समेत सभी देशों की आर्थिक मदद
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए 90 दिनों के लिए यूक्रेन समेत सभी देशों की आर्थिक मदद निलंबित कर दी। आदेश के मुताबिक, सभी अमेरिकी विदेशी सहायता कार्यक्रमों को समीक्षा लंबित रहने तक 90 दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, ताकि यह तय किया जा सके कि वे उनके नीतिगत लक्ष्यों पर खरे उतर रहे हैं या नहीं?

 

अमेरिकी विदेश नीति अमेरिकी हितों की रक्षा करेगी
ट्रंप ने एक और कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें विदेश विभाग को निर्देश दिया गया कि अमेरिका की विदेश नीति ‘अमेरिकी हितों की रक्षा करेगी’ और हमेशा अमेरिका और उसके नागरिकों को प्राथमिकता देगी। मार्को रुबियो को अमेरिकी सीनेट द्वारा विदेश मंत्री के रूप में पुष्टि किए जाने के तुरंत बाद ट्रंप ने सोमवार को कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।

आव्रजन पर अंकुश-जीवाश्म ईंधन उत्पादन को बढ़ावा
इसके अलावा ट्रंप ने कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें प्रमुख थे आव्रजन पर अंकुश लगाना, जीवाश्म ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देना और पर्यावरण संबंधी नियमों को वापस लेना शामिल था।


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