होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय व्यापारिक जहाजों पर ईरानी नौसेना की गोलीबारी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस घटना को बेहद परेशान करने वाला करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकार ने इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर उठाते हुए शनिवार को ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली को तलब किया था।
होर्मुज जैसा अहम मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार की जीवनरेखा: मिस्री
मिस्री ने रविवार को कहा कि हम इस हमले से बेहद विचलित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को ऊर्जा संबंधी व अन्य सभी व्यापार के लिए निर्बाध व खुला रहना चाहिए। मिस्री ने ईरान को यह भी याद दिलाया कि होर्मुज जैसा अहम मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार की जीवनरेखा है और इसके सिद्धांतों का सम्मान करना अनिवार्य है।
‘युद्ध से क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से भारत चिंतित’
विदेश सचिव ने ईरान के समक्ष भारत की चिंता साझा की व नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से हम चिंतित हैं। ईरान के राजदूत ने आश्वासन दिया था कि वे भारत की चिंताओं और सुझावों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।
ईरानी नौसेना की गनबोट्स ने होर्मुज में दो भारतीय जहाजों सनमार हेराल्ड और जग अर्नव पर बिना चेतावनी गोलीबारी की थी। यह जहाज इराक और सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे थे।








