29 अप्रैल को निगम सदन की बैठक में महापौर, उपमहापौर और स्थाई समिति के तीन सदस्यों का चुनाव होगा। आम आदमी पार्टी ने अपने कोटे के स्थाई समिति के एक सदस्य के अन्य पदों के लिए अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। ऐसे में चुनाव औपचारिकता बनकर रह जाएगा और प्रवेश वाही के नाम पर मुहर लगना तय है।
तीन बार पार्षद रह चुके प्रवेश वाही को संगठन में अनुभवी और प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। वे पूर्ववर्ती उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और वर्तमान में नेता सदन की भूमिका निभा रहे थे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी नजदीकी और संगठनात्मक पकड़ ने उनकी दावेदारी को मजबूत बनाया।
हालांकि, अंतिम निर्णय से पहले अंदरखाने कुछ असहमति की खबरें भी सामने आई थीं। मुख्यमंत्री आवास पर हुई चर्चा में कुछ पार्षदों ने उनके नाम पर आपत्ति जताई, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने अनुभव और संतुलन को प्राथमिकता देते हुए वाही पर भरोसा जताया।
भाजपा ने नेतृत्व ने आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत को उप महापौर पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि बेगमपुर से पार्षद जय भगवान यादव को नेता सदन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जय भगवान यादव को स्थायी समिति का सदस्य बनाने का भी फैसला किया गया है। इसके अलावा पहाड़गंज से पार्षद मनीष चढ्ढा को स्थायी समिति सदस्य के लिए उम्मीदवार बनाया गया है।
इस पूरी कवायद से साफ है कि भाजपा ने एमसीडी में अनुभव और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार की है। अब 29 अप्रैल की बैठक में औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रवेश वाही दिल्ली नगर निगम के नए महापौर के तौर पर कमान संभालते नजर आएंगे।