प्रदेश सरकार ने मंगलवार को महिला आरक्षण व नारी शक्ति के मुद्दे पर एक दिन का विशेष सत्र आहूत किया। 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक सशक्तीकरण के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का संकल्प सदन में रखा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इस संकल्प को अस्वीकार किया। नारी सम्मान-लोकतंत्र अधिकार विषय पर चर्चा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र सरकार के प्रयासों पर एकमत से संकल्प पारित करने का प्रस्ताव रखा।
चर्चा में मुख्यमंत्री ने नारी सशक्तीकरण के लिए केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के साथ ही लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित न कराने पर कांग्रेस व विपक्षी दलों की जमकर आलोचना की। कहा, कांग्रेस के नेतृत्व में परिवारवादी सिंडिकेट ने एकजुट होकर नारी शक्ति के अधिकारों को कुचलने का षड्यंत्र रचा और मिलकर देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास को लोकसभा में विफल करने का महापाप किया। इस पर विपक्ष ने सत्ता पक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का विरोध किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने 2023 में लोकसभा में पारित अधिनियम का समर्थन करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग रखी।