देहरादून- विशेष सत्र: महिला आरक्षण पर पक्ष-विपक्ष में बहस, संशोधन विधेयक को लोकसभा में गिराने पर निंदा प्रस्ताव पारित

विधानसभा के विशेष सत्र में लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पास न कराने पर विपक्षी दलों की भूमिका पर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। सदन में नारी सम्मान-लोकतंत्र अधिकार विषय पर चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान 15 मिनट तक सदन की कार्यवाही स्थगित रही। विपक्ष के हंगामे के बाद शाम छह बजे सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

 

प्रदेश सरकार ने मंगलवार को महिला आरक्षण व नारी शक्ति के मुद्दे पर एक दिन का विशेष सत्र आहूत किया। 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक सशक्तीकरण के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का संकल्प सदन में रखा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इस संकल्प को अस्वीकार किया। नारी सम्मान-लोकतंत्र अधिकार विषय पर चर्चा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र सरकार के प्रयासों पर एकमत से संकल्प पारित करने का प्रस्ताव रखा।

चर्चा में मुख्यमंत्री ने नारी सशक्तीकरण के लिए केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के साथ ही लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित न कराने पर कांग्रेस व विपक्षी दलों की जमकर आलोचना की। कहा, कांग्रेस के नेतृत्व में परिवारवादी सिंडिकेट ने एकजुट होकर नारी शक्ति के अधिकारों को कुचलने का षड्यंत्र रचा और मिलकर देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास को लोकसभा में विफल करने का महापाप किया। इस पर विपक्ष ने सत्ता पक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का विरोध किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने 2023 में लोकसभा में पारित अधिनियम का समर्थन करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग रखी। 

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विधानसभा में यह प्रस्ताव किया गया पारित

संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक 2026 का लोकसभा में कांग्रेस एवं उनके सहयोगी दलों द्वारा विधेयक को गिराने की भूमिका से उनके महिला विरोधी चरित्र के उजागर होने के साथ ही जिस तरह से देश की 50% आबादी, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सामान्य जाति के महिलाओं को प्रतिनिधित्व करने का अवसर देकर समानता का अधिकार देने की भावना चरितार्थ होती, उस संशोधन विधेयक को लोकसभा में गिराने से कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों का महिला विरोधी चेहरा उजागर हुआ है। यह सदन कांग्रेस और सहयोगी दलों की विधायिका में महिला आरक्षण विरोधी भावना एवं कृत्य के खिलाफ निंदा प्रस्ताव प्रस्तुत करता है। साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा महिला शक्ति को सम्मान देने के इस प्रयास व भावना का समादर करते हुए उनको धन्यवाद देने के साथ ही इसे शीघ्र क्रियांवित करने का अनुरोध करता है।

बहुगुणा के बयान पर हंगामा वेल में पहुंचे कांग्रेस विधायक

नारी सम्मान- लोकतंत्र में अधिकार को लेकर सदन में चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के बयान पर सदन में हंगामा हो गया। कांग्रेस के विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सत्ता पक्ष ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की।

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