अदालत ने आरोपी को बरी करने के फैसले में क्लेमेंटटाउन थाने के तत्कालीन जांच अधिकारी के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की। कहा, जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर संजीत कुमार ने इस मामले में साइंटिफिक एविडेंस को सिरे से नजरअंदाज किया। छात्रा का आरोप था कि उसके साथ सोते समय दुष्कर्म किया गया। ऐसे में सामान्य प्रक्रिया के तहत पुलिस को उसके बिस्तर की चादर और वहां मौजूद कपड़ों को फाॅरेंसिक जांच के लिए जब्त करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने दक्षिण सूडान के छात्र मूसा उर्फ मोजा मोजिज लाडू जेम्स को सभी आरोपों से दोषमुक्त किया। दक्षिण अफ्रीका की रहने वाली पीड़ित छात्रा देहरादून से ग्रेजुएशन कर रही थी। उसने पुलिस को बयान दिया था कि 29 अक्तूबर 2024 की रात क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में उनके समूह की फेयरवेल पार्टी थी, जिसमें उसके संस्थान के कई छात्र व छात्राएं थीं। पार्टी के बाद वह सो रही थी, तभी आरोपी मूसा ने बेसुध अवस्था में दुष्कर्म किया।