पिछले दस वर्षों में उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत 14372 किमी सड़कों का निर्माण हुआ है। सड़कों की यह लंबाई योजना के शुरू होने से 2016-17 तक बनी 7539 ग्रामीण सड़कों की लगभग दोगुनी है।
2013-19 में पुरानी सड़कों को सुधारने पर जोर
2013 से 2019 के बीच योजना में नई सड़कों को बनाने की बजाय पहले से बनी सड़कों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी गई। इससे इस दौरान सड़कों की लंबाई बहुत कम बढ़ी। 2019 से नई ग्रामीण सड़कों को बनाने पर अधिक ध्यान दिया गया, जिससे इस दौरान सबसे ज्यादा ग्रामीण सड़कें बनीं। 2024-29 में योजना के चौथे चरण में नई बस्तियों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उत्तराखंड ने अपने लिए अधिक सड़कों की मांग की है।
हमारा लक्ष्य है कि राज्य के सभी गांव अच्छी और हर मौसम में उपयोग के योग्य सड़कों से जुड़ें। इससे आवागमन में सुविधा होने के साथ-साथ लोगों को विकास करने में सहायता मिलेगी। हमने केंद्र से और अधिक सड़कों की मांग की है जिससे सभी गांवों को यह सुविधा दी जा सके। -भरत सिंह चौधरी, ग्राम्य विकास विभाग मंत्री, उत्तराखंड






