देहरादून- विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 13.5 लाख की ठगी, प्लेसमेंट एजेंसी संचालकों पर FIR

Spread the love

 

 

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 13.5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। हिमाचल प्रदेश के सोलन निवासी रेखा शर्मा ने राजीव शर्मा, लवलेश और सीमा शर्मा (रिधन्या प्लेसमेंट सर्विसेज) समेत अन्य के खिलाफ डालनवाला थाने में तहरीर देकर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की दी गई शिकायत के अनुसार जून 2024 में आरोपियों ने खुद को क्रोएशिया वर्क परमिट के लिए अधिकृत एजेंट बताकर संपर्क किया और भरोसा दिलाया कि उनके पास वैध लाइसेंस है। इस पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने 17 कैंडिडेट्स की प्रोसेसिंग कराते हुए कुल 18 लाख रुपये आरोपियों को दिए जिसमें 15 लाख ऑनलाइन और तीन लाख नकद शामिल हैं। आरोप है कि बाद में सभी वीजा आवेदन फर्जी दस्तावेज के कारण निरस्त हो गए। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जाली दस्तावेज और फर्जी जॉब ऑफर के जरिये ठगी की। लगातार दबाव के बाद आरोपियों ने केवल 4.5 लाख रुपये ही वापस किए जबकि शेष रकम लौटाने के लिए टालमटोल करते रहे।

पीड़िता का कहना है कि गत 31 जनवरी को देहरादून आकर रकम मांगने पर आरोपी राजीव शर्मा ने 22 फरवरी तक भुगतान का आश्वासन देते हुए शपथपत्र भी दिया, लेकिन तय समय के बाद भी रकम नहीं लौटाई और अब संपर्क भी बंद कर दिया है। बताया गया कि आरोपियों का कार्यालय भी बंद मिला। तहरीर में बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। 

और पढ़े  हरिद्वार- नकली करेंसी गिरोह के दो सदस्य पंजाब से गिरफ्तार, 1.10 लाख के जाली नोट बरामद

वर्ष 2025 में डालनवाला थाने में भी एक एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और बकाया धनराशि दिलाने की मांग की है। डालनवाला थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कर्मचारी पर 8.73 लाख हड़पने का आरोप
कैंट थाना क्षेत्र स्थित एक निजी मेडिकल संस्थान में लाखों रुपये के गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है। संस्थान के प्रबंधन निदेशक कमल कान्त गर्ग की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि संस्थान में कार्यरत कैश एक्जीक्यूटिव संजना राज ने फर्जी रिफंड और इनवॉइस के जरिये करीब 8.73 लाख रुपये की रकम हड़प ली।

उन्होंने पुलिस को बताया कि वार्षिक ऑडिट के दौरान 21 जनवरी 2025 से तीन फरवरी 2026 के बीच हेल्प डेस्क कैश में गड़बड़ी सामने आई। जांच में पाया गया कि आरोपी कर्मचारी ने कई फर्जी रिफंड रसीदें तैयार कर धनराशि खुद निकाल ली। साथ ही, झूठे इनवॉइस बनाकर भी रकम का गमन किया गया। प्रबंधन का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में आरोपी को कैश काउंटर से पैसे निकालकर अपने पास रखते हुए देखा गया। थाना प्रभारी केके लुंठी ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


Spread the love
  • Related Posts

    उत्तराखंड हाईकोर्ट- राज्य में शराब की नई दुकानें खोले जाने पर रोक लागू रहेगी

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आबकारी आयुक्त के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की आबकारी नीति के तहत अब नई मदिरा की दुकानें…


    Spread the love

    उत्तराखंड: मतदाता सूची में हैरान करने वाली गड़बड़ियां, 2 लाख के माता-पिता नाबालिग, 92 हजार के दादा जवान

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड में दो लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके माता-पिता नाबालिग हैं। वहीं, 92 हजार मतदाताओं के दादा जवान हैं। ये हम नहीं कह रहे, चुनाव आयोग के एसआईआर…


    Spread the love