बड़ी पुनर्वास योजना पर काम रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से आपदा प्रभावितों के लिए एक बड़ी पुनर्वास योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने दो मिनट का मौन रखकर धराली हर्षिल में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। कहा कि इस घटना में पूरा धराली आपदा की भेंट चढ़ गया है, जिसमें जनहानि के साथ ही पशुहानि, मकान, होटल, फसल बर्बाद हुए हैं। फौरी तौर पर प्रभावितों को पांच लाख की धनराशि सरकार दे रही है। आपदा के आकलन के लिए राजस्व सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है जो एक हफ्ते में सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों के साथ खड़ी है।
नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद 23 हजार को मिली नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को हमारे राज्य में लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद लगभग 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखा जा रहा है। राज्य में ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
संस्कृत विद्यालयों में शुरू की जाएगी एनसीसी, एनएसएस और स्काउट गाइड
कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां संस्कृत ग्रामों की स्थापना की जा रही है। अगले वर्ष से सभी संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस और स्काउट गाइड शुरू की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला की मांग पर भोगपुर महादेव खाले के ट्रीटमेंट के लिए नौ करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
ये हैं 13 संस्कृत ग्राम
मुख्यमंत्री ने देहरादून में भोगपुर गांव, टिहरी गढ़वाल के मुखेम गांव, उत्तरकाशी के कोटगांव, रुद्रप्रयाग के बैंजी गांव, चमोली के डिम्मर गांव, पौड़ी गढ़वाल के गोदा गांव, पिथौरागढ़ के उर्ग गांव, अल्मोड़ा के जैंती पाण्डेकोटा गांव, बागेश्वर के शेरी गांव, चंपावत के खर्ककार्की गांव, हरिद्वार के नूरपुर पंजनहेड़ी गांव, नैनीताल के पांडे गांव और ऊधमसिंहनगर के नगला तराई गांव को आदर्श संस्कृत ग्राम के रूप में वर्चुअल शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संस्कृत ग्रामों के लोगों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी किया।