देहरादून- बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को अलग से होंगे दर्शन, बीकेटीसी ने बनाई व्यवस्था

 

 

चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शन के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। पहली बार बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) दिव्यांगाें व बुजुर्गों के लिए अलग से दर्शन की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए एसओपी भी तैयार कर ली गई है।

बदरीनाथ व केदारनाथ में अभी तक दिव्यांगाें व बुजुर्गों के लिए दर्शन की कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। उन्हें भी आम श्रद्धालुओं की तरह लाइन में दर्शन करने पड़ते हैं। बीकेटीसी ने दिव्यांग व 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के सुगम दर्शन की व्यवस्था बनाई है। इससे धामों में दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शन करने में बड़ी राहत मिलेगी। बीकेटीसी ने नई व्यवस्था को लागू करने के लिए मानव प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर ली है। जल्द ही नई व्यवस्था धामों में लागू की जाएगी।

एसओपी के अनुसार शारीरिक व मानसिक रूप से दिव्यांग, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन करने से पहले अनिवार्य रूप से मंदिर समिति के काउंटर पर पंजीकरण कराया जाएगा। बुजुर्गों को आधार कार्ड व दिव्यांगों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिखाना होगा। बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में सुबह व शाम को आधा घंटे का समय निर्धारित किया जाएगा।

जल्द व्यवस्था लागू होगी
बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में आने वाले दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए बीकेटीसी ने नई व्यवस्था बनाने की पहल की है। इससे दिव्यांगों व बुजुर्गों को आम श्रद्धालुओं की तरह दर्शन करने के लिए लाइन में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उनके दर्शन के लिए अलग से समय निर्धारित किया जाएगा। जल्द ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। -हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष, बीकेटीसी

अब तक चारों धामों में 13.32 लाख लोग कर चुके दर्शन

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चारधाम यात्रा में अब तक 13.32 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। मौसम की चुनौतियों के बावजूद धामों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। एक दिन में औसतन 70 से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। केदारनाथ में अब तक 5.50 लाख, बदरीनाथ में अब तक 3.44 लाख, गंगोत्री में अब तक 2.18 लाख, यमुनोत्री में अब तक 2.20 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

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