हल्द्वानी शहर के शोर के बीच एक मकान की दूसरी मंजिल पर बने छोटे से कमरे में एक मजदूर की जिंदगी चुपचाप खत्म हो गई। न कोई पुकार सुनने वाला था और ना कोई हालचाल पूछने वाला। शव की दुर्गंध जब लोगों की नाक तक पहुंची तब उन्हें वृद्ध मजदूर की मौत की खबर लगी।
बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के शनि बाजार रेलवे क्रॉसिंग के पास पुराने मकान के भूतल में दुकानें हैं जबकि पहली मंजिल पर एक कमरा बना है। कमरे तक पहुंचने के लिए एक लकड़ी की सीढ़ी ही सहारा है। इसी कमरे में बरेली जनपद के बहेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुर निवासी रमेश चंद्र (60) पुत्र सुरेंद्र पाल किराये पर रहते थे। वे मजदूरी कर जीवन यापन करते थे।
चार-पांच दिन से उन्हें किसी ने नहीं देखा। शुक्रवार को कमरे से दुर्गंध आने लगी तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो भीतर तख्त पर रमेश रजाई ओढ़े पड़े मिले। रजाई हटाई तो उनका सड़ा-गला शव बरामद हुआ।
रजाई से कूदे चूहे
रमेश के कमरे से बहुत दुर्गंध आ रही थी। पुलिसकर्मियों और लोगों को रूमाल और कपड़ों से नाक ढकनी पड़ी। जब रमेश की रजाई हटाई गई तो चूहे इधर-उधर कूदते मिले। शव को चूहों ने कुतरा भी था।
जेसीबी से उतारा गया शव
लोगों ने बताया कि रमेश अक्सर पानी भरने नीचे आता था। उसके कमरे में जूठे बर्तन पड़े थे। शव को मकान की दूसरी मंजिल से उतारना आसान नहीं था। इस पर पुलिस की टीम ने जेसीबी की मदद ली। शव को सील पैक कर नीचे उतारकर मोर्चरी भेजा गया।
शव को मोर्चरी भेजकर परिजनों को सूचित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया चार से पांच दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का स्पष्ट कारण सामने आएगा। हृदयाघात से मौत की आशंका है। – अमित कुमार सैनी, सीओ हल्द्वानी







