अल्मोड़ा: क्वारब में पहाड़ी से लगातार गिर रहा मलबा,नहीं निकला कोई समाधान, एनएच 26 तक रात में हल्के-भारी वाहनों के लिए बंद

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क्वारब में भूस्खलन जोन में सड़क धंसने और बोल्डर गिरने से आवाजाही के दौरान खतरा बना हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन ने अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार से 16 दिनों तक रात आठ बजे से प्रात: छह बजे तक हल्के और भारी वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। ये वाहन वैकल्पिक मार्गों से आवाजाही करेंगे।

मंगलवार को भी क्वारब पर पहाड़ी से रुक-रुक कर मलबा और बोल्डर गिरे। इससे कुछ देर वाहनों की रफ्तार थमी रही। क्वारब पुल के पास पहाड़ी क्षेत्र की ओर करीब 200 मीटर लंबाई में भूस्खलन जोन बन जाने से लगातार किसी भी समय मलबा और बोल्डर अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिर रहे हैं। वहां पर 30 मीटर की लंबाई में सड़क धंस रही है। ये भाग किसी भी समय सुयाल नदी की तरफ खिसक सकता है। वहां पर मोटर मार्ग की चौड़ाई सिर्फ तीन मीटर रह गई है। ऐसे में बड़े वाहनों का आवागमन भी सुरक्षित नहीं रह गया है। लगातार गिर रहे मलबे के बीच जेसीबी से भी काम कराया जाना संभव नहीं हो रहा है। क्वारब पर सड़क धंसने और बोल्डर गिरने से यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से 11 दिसंबर से 26 दिसंबर तक रात आठ से प्रात: छह बजे तक हल्के और भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान ये वाहन अल्मोड़ा-विश्वनाथ- शहरफाटक, खैरना-रानीखेत वैकल्पिक मार्गों से संचालित होंगे।

 

अल्मोड़ा-क्वारब राष्ट्रीय राजमार्ग 109 के किमी 56 में हो रहे लगातार भूस्खलन के दृष्टिगत 11 दिसंबर से 26 दिसंबर की रात आठ बजे से प्रात: छह बजे तक हल्के और भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई है। एंबुलेंस, क्रेन और अन्य आवश्यकीय सेवाओं में प्रयुक्त होने वाले वाहन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।

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आलोक कुमार पांडे, डीएम और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष।


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