Fire: हांगकांग अग्निकांड में मृतकों का आंकड़ा  पहुंचा 146, अभी भी 150 लोग लापता, पांचवें दिन भी तलाशी

हांगकांग में बुधवार को लगी भयावह आग ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। सात ऊंची आवासीय इमारतों में लगी इस आग में मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 146 हो गई है। वहीं, अब भी 150 लोगों का कोई पता नहीं है और बचाव दल लगातार तलाश में जुटा हुआ है। यह घटना पिछले कई दशक में हांगकांग की सबसे बड़ी त्रासदी मानी जा रही है।

 

कैसे लगी आग?
हांगकांग सरकार के सुरक्षा मंत्री क्रिस टैंग के मुताबिक, आग की शुरुआत इमारत के निचले हिस्से में लगी प्लास्टिक और फोम बोर्ड वाली जालीदार परत से हुई। हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैली और देखते ही देखते सातों इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज तापमान ने बांस से बनी निर्माण सामग्री और स्कैफोल्डिंग को भी जला दिया, जिससे जलते हुए बांस के टुकड़े गिरकर आसपास की इमारतों में आग फैलाते गए।

हादसे के बाद कई खामियां उजागर
घटना के बाद बचे हुए लोगों ने गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार कई मंजिलों पर फायर अलार्म नहीं बजे, बाहर निकलने के रास्ते भी बंद थे, इमारतों में पुरानी और खराब आग सुरक्षा व्यवस्था थी। इन इमारतों में कुल 1984 फ्लैट और लगभग 4600 निवासी थे, इसलिए नुकसान काफी बड़ा है।

अग्निकांड के बाद कुल आठ गिरफ्तारियां
इस हादसे में आग के तेजी से बढ़ने की वजहों की जांच चल रही है। अब तक मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें एक महिला भी शामिल है, जो इमारतों के नवीनीकरण कार्य से जुड़ी थी। वहीं आरोप है कि निर्माण में नियमों के खिलाफ सस्ती और ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।

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चीन में बड़ा अभियान शुरू
इस घटना के बाद पूरे चीन में चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से चीन सरकार ने ऊंची इमारतों, अस्पतालों, ऑफिसों, मॉल और सार्वजनिक स्थलों पर तुरंत फायर सेफ्टी जांच का आदेश दिया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि निकासी रास्तों, पुरानी वायरिंग और ज्वलनशील निर्माण सामग्री की तुरंत जांच की जाए और खामियों को ठीक किया जाए।

हांगकांग अग्निकांड में तबाही की तस्वीर
इस अग्निकांड में अब तक कुल 146 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 150 लोग लापता बताएं जा रहे हैं। इस हादसे में कुल सात इमारतें प्रभावित हुई हैं, जिनमें करीब 1984 फ्लैट थे। जबकि इस घटना की वजह से लगभग 4600 लोग विस्थापित हुए हैं।

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